सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले में झिरना मंदिर के महंत और वन विभाग के बीच चल रही खींचतान अब एक नए विवाद में बदल गई है। शनिवार को सोशल मीडिया पर फॉरेस्ट गार्ड और अवैध पत्थर खनन में शामिल दो व्यक्तियों के बीच की कथित बातचीत का ऑडियो वायरल हुआ है। यह ऑडियो मंदिर के महंत कृष्णदास उर्फ कम्मा गुर्जर द्वारा एसपी ऑफिस में शिकायत दर्ज कराने के कुछ घंटे बाद सामने आया है।
जानकारी के मुताबिक, वायरल हुए दो ऑडियो में सतनबाड़ा रेंज में पदस्थ रहे फॉरेस्ट गार्ड पुरुषोत्तम शर्मा, दिलीप गुर्जर और बेताल सिंह गुर्जर के बीच बातचीत बताई जा रही है। इस ऑडियो में फॉरेस्ट गार्ड पुरुषोत्तम शर्मा कथित रूप से बंद पड़ी डोंगरी खदान में चल रहे अवैध पत्थर खनन को लेकर चर्चा कर रहे हैं। बातचीत में वे कहते हैं कि "रेंजर और एसडीओ भ्रमण पर रहेंगे, ऐसे में खदान में पत्थर मिला तो ठीक नहीं होगा।" उन्होंने 60 पत्थर की पटिया रात में ही हटवाने की बात कही।
वहीं सामने से यह भी कहा गया कि "रास्ते में पत्थर पटककर रास्ता बंद कर देते हैं, ताकि अधिकारी खदान तक नहीं पहुंच पाएं।" यही दो वार्तालाप अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।
पुरुषोत्तम शर्मा ने कहा कि वायरल ऑडियो फेक है।
झिरना मंदिर प्रकरण की पूरी कहानी
यह विवाद तब शुरू हुआ जब 3 नवंबर 2025 को एक डंपर अवैध रूप से रेत का परिवहन कर रहा था, जिसे वन अमले ने पकड़ा था। आरोप है कि जब्त रेत को झिरना मंदिर के महंत कृष्णदास उर्फ कम्मा गुर्जर ने जबरन अपने मंदिर परिसर में खाली करवाया।