सड़क बनी पार्किंग, बारात नहीं जाम में फंसी जनता, जिम्मेदार नदारद

Shivpuri First
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शहर में जाम के हालात

शिवपुरी शहर में मैरिज गार्डन और होटलों में शादी समारोह के नाम पर सड़कें ही पार्किंग बन गई हैं। पार्किंग की जगह न होने से मेहमानों के सैकड़ों दोपहिया और चारपहिया वाहन सीधे मुख्य सड़कों पर खड़े कराए जा रहे हैं, जिससे रोज शाम होते ही शहर जाम में फंस जा रहा है। स्थानीय लोगों की शिकायत के अनुसार, बुधवार रात सर्कुलर रोड स्थित होटल पारस रेसीडेंसी में एक शादी समारोह के दौरान सड़क के दोनों किनारों पर सैकड़ों दो और चार पहिया वाहन खड़े करा दिए गए। इससे सर्कुलर रोड पर घंटों लंबा जाम लग गया। एंबुलेंस, स्कूल बस और रोजमर्रा के यात्री फंसे रहे, लोग परेशान होते रहे। लोगों का कहना है कि यह कोई एक दिन की बात नहीं है। शहर के अधिकांश मैरिज गार्डन और होटलों में खुद की पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है। शादी सीजन में हर रात यही हाल रहता है। हजारों वाहन जाम में फंसते हैं। नगर पालिका प्रशासन और पुलिस हर साल शादी सीजन से पहले बैठक कर मैरिज गार्डन और होटल संचालकों को पार्किंग की व्यवस्था करने, वैकल्पिक जगह चिन्हित करने और ट्रैफिक वालंटियर रखने के निर्देश देती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सिमट कर रह जाती है। निर्देशों का पालन न करने पर न तो लाइसेंस निरस्त होता है, न चालान। इसी कारण संचालक प्रशासन के आदेशों को गंभीरता से नहीं लेते।

वाहनों की लंबी कतारें 


क्या कहते हैं नियम -

सड़क पार्किंग नहीं है। मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 122 के तहत सार्वजनिक सड़क पर इस तरह वाहन खड़ा करना, जिससे यातायात में बाधा हो, दंडनीय है। धारा 127 के तहत पुलिस ऐसे वाहनों को टो कर हटवा सकती है। इसके अलावा भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 285, में सार्वजनिक मार्ग में बाधा डालना अपराध है। इसमें जुर्माना और कारावास दोनों का प्रावधान है। 

मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम और भवन अनुज्ञा नियमों के तहत किसी भी मैरिज गार्डन, होटल या कमर्शियल हाल को लाइसेंस तभी मिलता है जब उसके पास पर्याप्त स्वयं की पार्किंग या अनुबंधित वैकल्पिक पार्किंग हो। बिना पार्किंग के संचालन नियम विरुद्ध है। 

सुप्रीम कोर्ट भी कई मामलों में कह चुका है कि सड़क चलने के लिए है, पार्किंग के लिए नहीं। यानी, सड़क पर शादी की गाड़ियां खड़ी कराना न तो मेहमान का अधिकार है, न संचालक का।

पुलिस और प्रशासन की ड्यूटी क्या है -

जब शादी समारोह के कारण जाम के हालात बनें तो, ट्रैफिक पुलिस को तत्काल मौके पर पहुंच कर बाधा हटवानी होती है, वाहनों को टो करवाना और एमवी एक्ट में चालान करना होता है। 

नगर पालिका को संबंधित मैरिज गार्डन, होटल को नोटिस देकर पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करानी होती है। बार-बार उल्लंघन पर लाइसेंस निलंबित/निरस्त करने का अधिकार पालिका के पास है। 

यदि जानबूझ कर सड़क रोकी गई हो तो बीएनएस की धारा 285 में एफआईआर दर्ज हो सकती है, संचालक भी जिम्मेदार माना जा सकता है। 

कलेक्टर धारा 163 बीएनएसएस, के तहत शादी सीजन में विशेष ट्रैफिक प्लान और नो-पार्किंग जोन अधिसूचित कर सकते हैं। 

इनका कहना है -

-हम लगातार होटल संचालकों और मैरिज गार्डन संचालकों को इस संबंध में हिदायत देते हैं, अभी तक किसी गार्डन संचालक पर कार्रवाई नहीं की गई है। मैं दिखवाता हूं, नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी - रणवीर यादव, यातायात प्रभारी

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