दस्तावेजों की जांच में सामने आई नाबालिग होने की बात, बालिग बताकर बनाया था शपथपत्र; पुलिस ने पॉक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में की कार्रवाई
बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी शहर के फिजिकल थाना क्षेत्र में एक 17 वर्षीय नाबालिग के पड़ोसी युवक के साथ घर से चले जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने नाबालिग को शिवपुरी रेलवे स्टेशन से बरामद कर लिया है, जबकि मामले में 19 वर्षीय युवक अमित बाथम को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
मामला सामने आने के बाद पुलिस द्वारा की गई जांच में नाबालिग की उम्र को लेकर महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए। प्रारंभिक तौर पर युवक और युवती की ओर से स्वयं को बालिग बताते हुए साथ रहने और शादी करने की बात कही गई थी। इसके लिए संयुक्त शपथपत्र भी तैयार कराया गया था। हालांकि, पुलिस ने जब नाबालिग के स्कूली दस्तावेजों की जांच की तो उसकी उम्र 17 वर्ष होने की पुष्टि हुई।
पुलिस के अनुसार, मामला फिजिकल थाना क्षेत्र का है। नाबालिग के घर से चले जाने के बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी थी। परिजनों ने बताया था कि उनकी बेटी की उम्र 17 वर्ष है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नाबालिग की तलाश शुरू की।
सोशल मीडिया वीडियो और शपथपत्र से बढ़ा मामला
बताया गया है कि नाबालिग और आरोपी युवक की ओर से एक संयुक्त शपथपत्र तैयार कराया गया था। इसके अलावा सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें दोनों ने स्वयं को बालिग बताते हुए अपनी मर्जी से साथ रहने और शादी करने की बात कही थी।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने उम्र की वास्तविकता पता करने के लिए नाबालिग के दस्तावेजों की जांच की। स्कूली रिकॉर्ड में उसकी उम्र 17 वर्ष पाई गई। इसके बाद पुलिस ने मामले को नाबालिग से संबंधित मानते हुए जांच आगे बढ़ाई।
पुलिस के मुताबिक, जांच में यह बात भी सामने आई कि नाबालिग की उम्र को कथित तौर पर बालिग दर्शाने के लिए आधार कार्ड में बदलाव किया गया था। इसी आधार पर शादी से संबंधित शपथपत्र तैयार कराए जाने की बात भी सामने आई है। इन तथ्यों को पुलिस ने अपनी जांच का हिस्सा बनाया है।
रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करते मिले
पुलिस ने नाबालिग की तलाश के लिए संभावित स्थानों पर जानकारी जुटाई। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि नाबालिग और युवक शिवपुरी रेलवे स्टेशन पर मौजूद हैं। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए रेलवे स्टेशन से नाबालिग को बरामद कर लिया।
बताया जा रहा है कि जिस समय पुलिस ने दोनों को पकड़ा, उस दौरान वे ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। नाबालिग को पुलिस ने अपने संरक्षण में लेकर आगे की वैधानिक प्रक्रिया शुरू की, जबकि आरोपी युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
मां की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
नाबालिग की मां ने रविवार को फिजिकल थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 170/26 दर्ज कर मामले की जांच शुरू की।
जांच के दौरान नाबालिग की उम्र से संबंधित दस्तावेजों को महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में देखा गया। पुलिस के अनुसार, दस्तावेजों से नाबालिग की उम्र 17 वर्ष होने की पुष्टि होने के बाद मामले में पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराएं जोड़ी गईं।
पुलिस ने आरोपी अमित बाथम पुत्र शंकर बाथम, निवासी करोदी कॉलोनी, शिवपुरी को गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2), 64(2)(एम), 87 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 5(एल)/6 के तहत कार्रवाई की गई है।
राखी बांधने वाले पड़ोसी पर गंभीर आरोप
मामले को इसलिए भी चर्चा का विषय माना जा रहा है क्योंकि पुलिस के अनुसार आरोपी युवक नाबालिग का पड़ोसी बताया गया है और वह उसे राखी बांधती थी। हालांकि, रिश्ते और घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं की पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से होना बाकी है
पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। मामले में पुलिस द्वारा नाबालिग के बयान, दस्तावेजों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच की जा रही है।
उम्र छिपाने की कोशिश की भी जांच
मामले में पुलिस के सामने एक महत्वपूर्ण बिंदु नाबालिग की उम्र को कथित तौर पर अधिक दिखाने से जुड़ा है। पुलिस यह जांच कर रही है कि आधार कार्ड में कथित बदलाव कैसे और किस स्तर पर हुआ तथा शपथपत्र तैयार कराने के दौरान किन दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया।
कानून के तहत नाबालिग की उम्र का निर्धारण उसके वैध दस्तावेजों और निर्धारित प्रक्रिया के आधार पर किया जाता है। ऐसे मामलों में सोशल मीडिया वीडियो, शपथपत्र या किसी व्यक्ति द्वारा स्वयं को बालिग बताना उम्र निर्धारण का अंतिम आधार नहीं होता।
फिजिकल थाना पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध सभी तथ्यों और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर दिया है और अब आगे की कार्रवाई जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी।