बारिश के बाद अब आवारा पशुओं से खतरा
धरने पर बैठे ग्रामीणों ने बताया कि कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से लेकर जनसुनवाई तक समस्या रखी गई, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। फसलें पहले ही बारिश से 70 फीसदी तक बर्बाद हो चुकी हैं और अब आवारा मवेशी बची-खुची फसल भी चौपट कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि जब उन्होंने खुद चंदा इकट्ठा करके मवेशियों को अमोला घाटी छोड़ने की बात रखी, तो प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने भी सहयोग नहीं किया। यहां तक कि ट्रैक्टर-ट्रॉली में मवेशियों को ले जाने पर उन पर केस दर्ज होने का डर है।
प्रशासन की मौजूदगी में मवेशी होंगे शिफ्ट
जाम की सूचना पर मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार और थाना प्रभारी ने आश्वासन दिया कि मवेशियों को दूसरे स्थान पर सुरक्षित छोड़ा जाएगा। इसके लिए प्रशासन वाहनों की व्यवस्था करेगा और ग्रामीण भी अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली लगाएंगे। प्रशासन की मौजूदगी में ही इन मवेशियों को अन्य स्थान पर छोड़ा जाएगा।