सागर शर्मा शिवपुरी :खबर शिवपुरी में जारी उपार्जन कार्य के बीच अब लापरवाही और अनियमितताओं पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के सख्त निर्देशों के बाद निरीक्षण के दौरान कई खरीदी केन्द्रों पर गड़बड़ियां सामने आई हैं, जिससे अधिकारियों और समिति प्रबंधकों में हड़कंप मच गया है।
⚠️ तुलाई के नाम पर वसूली? बड़ा सवाल!
जिला आपूर्ति अधिकारी के मुताबिक, शशिचन्द्र वेयरहाउस कांकर और पाण्डेय वेयरहाउस सिरसौद (करैरा) में किसानों से तुलाई के बदले अवैध पैसे मांगने की शिकायत मिली। मामला कलेक्टर तक पहुंचते ही तुरंत कार्रवाई हुई और संबंधित समिति प्रबंधकों—रविशंकर धाकड़ और देवेंद्र यादव—को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया। सवाल उठता है, क्या किसानों के नाम पर हो रही है खुली लूट?
🚫 नोडल अधिकारी गायब… जिम्मेदारी कौन लेगा?
निरीक्षण में कई केन्द्रों पर नोडल अधिकारी अनुपस्थित मिले। पिपरसमा, दिनारा, टोडापिछोर और करही केन्द्रों के अधिकारियों की गैरमौजूदगी पर भी प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए नोटिस थमा दिए हैं। आखिर इतनी बड़ी जिम्मेदारी के बीच अधिकारी नदारद क्यों थे?
❓ प्रशासन की सख्ती—क्या बदलेगा सिस्टम?
कलेक्टर ने साफ संकेत दे दिए हैं कि उपार्जन जैसे संवेदनशील कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लेकिन बड़ा सवाल यही है—क्या इन कार्रवाइयों से व्यवस्था सुधरेगी या फिर कुछ दिन बाद सब पहले जैसा हो जाएगा?