सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी में आई तेज आंधी अब सिर्फ नुकसान नहीं, बल्कि जानलेवा साबित हो रही है। पोलो ग्राउंड की दीवार गिरने से गंभीर रूप से घायल हुए रन्नौद निवासी गिरजेश चंद्र आचार्य ने ग्वालियर में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस दर्दनाक घटना के साथ ही आंधी से मरने वालों की संख्या बढ़कर दो हो गई है
जिससे पूरे शहर में डर और गुस्से का माहौल है।
बताया जा रहा है कि शनिवार को आई तेज आंधी के दौरान पोलो ग्राउंड की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई, जिसके नीचे तीन लोग दब गए थे। इनमें बृजेंद्र उर्फ गोलू, गिरजेश चंद्र आचार्य और एक अन्य युवक शामिल थे। सभी को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन गिरजेश की हालत गंभीर होने पर उन्हें ग्वालियर रेफर किया गया, जहां रविवार रात करीब 10 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।
⚠️ पहले भी जा चुकी है एक जान…
इसी आंधी ने नवग्रह मंदिर के पास थीम रोड पर 50 वर्षीय ऑटो चालक रहीस खान की भी जान ले ली थी। वे आंधी से बचने के लिए रुके थे, तभी अचानक होर्डिंग और ईंट-पत्थर गिरने से गंभीर रूप से घायल हो गए और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
🌪️ पूरा जिला बना आपदा का शिकार
इस तेज आंधी ने शिवपुरी में भारी तबाही मचाई है। कई जगह पेड़ उखड़ गए, होर्डिंग और हाईमास्ट पोल गिर गए, जबकि ग्रामीण इलाकों में आगजनी की घटनाएं भी सामने आईं। प्रशासन द्वारा राहत और बचाव कार्य तो किया गया, लेकिन सवाल यह है कि क्या ये इंतजाम पर्याप्त थे?
❓ अब उठ रहे हैं बड़े सवाल
क्या जर्जर दीवारों और होर्डिंग की पहले जांच नहीं होनी चाहिए थी?
क्या प्रशासन की तैयारी इस आपदा के सामने कमजोर पड़ गई?
आखिर कब तक लापरवाही लोगों की जान लेती रहेगी?
यह घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि सिस्टम की तैयारियों पर बड़ा सवाल है। अगर समय रहते खतरनाक ढांचों को हटाया जाता, तो शायद ये जानें बच सकती थीं।