बंटी शर्मा शिवपुरी:शिवपुरी जिले की बैराड़ पुलिस ने सराफा कारोबारियों को निशाना बनाने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। गैस कटर से ज्वेलरी दुकान का ताला काटकर लाखों रुपये की चोरी की साजिश रचने वाले गिरोह के दो सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त टाटा नेक्सॉन कार, 315 बोर का एक देशी कट्टा और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। गिरोह का सरगना सहित अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
पुलिस के अनुसार यह पूरा मामला 21 जुलाई की देर रात का है। बैराड़ कस्बे स्थित प्रिंस ज्वेलर्स के संचालक जगदीश प्रसाद गुप्ता रोज की तरह दुकान बंद कर अपने घर चले गए थे। रात करीब 1:20 बजे पुलिस को सूचना मिली कि दुकान के बाहर आग जैसी लपटें दिखाई दे रही हैं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची तो देखा कि बदमाश गैस कटर से दुकान का ताला काटकर अंदर घुसने की कोशिश कर रहे थे।
हालांकि पुलिस की गाड़ी की आहट मिलते ही बदमाश अपने मंसूबों में कामयाब होने से पहले ही मौके से फरार हो गए। इसके बाद पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू की। घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें तीन युवक गैस कटर से ताला काटते हुए साफ दिखाई दिए। फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान करने के लिए तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र का सहारा लिया।
जांच के दौरान सामने आया कि वारदात के पीछे मुरैना और जौरा क्षेत्र का एक सक्रिय गिरोह काम कर रहा है। पुलिस को सूचना मिली कि गिरोह के कुछ सदस्य टाटा नेक्सॉन कार से पहाड़गढ़ की ओर आने वाले हैं। सूचना मिलते ही बैराड़ पुलिस ने सहसराम-पहाड़गढ़ मार्ग पर घेराबंदी कर संदिग्ध कार को रोक लिया।
कार की तलाशी लेने पर उसमें सवार सौरभ कुशवाह (20) निवासी भूराडाढ़ा, जिला मुरैना और आकाश रावत (28) निवासी भूपतपुरा, जौरा को हिरासत में लिया गया। तलाशी के दौरान सौरभ के कब्जे से 315 बोर का एक अवैध देशी कट्टा और तीन जिंदा कारतूस बरामद हुए। इसके बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर थाने लाया गया।
पूछताछ में सौरभ ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि उसका जीजा रिंकू उर्फ योगेश कुशवाह पूरे गिरोह का सरगना है। उसी ने राकेश कुशवाह, देवेंद्र उर्फ देवू उर्फ चुटिया सविता और अन्य साथियों के साथ मिलकर बैराड़ की सराफा दुकानों में चोरी करने की योजना बनाई थी। योजना के मुताबिक रिंकू गैस कटर लेकर आया था, जबकि सौरभ और देवेंद्र हथियारों से लैस होकर वारदात को अंजाम देने पहुंचे थे।
आरोपी ने यह भी बताया कि घटना के दौरान आकाश रावत नशे की हालत में नेक्सॉन कार के अंदर ही सो गया था। इसी बीच पुलिस मौके पर पहुंच गई, जिससे सभी आरोपी घबरा गए और चोरी किए बिना ही वहां से भाग निकले। यदि पुलिस समय पर नहीं पहुंचती तो सराफा दुकान में लाखों रुपये के जेवरात चोरी होने की आशंका थी।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि गिरोह के सदस्य पहले भी कई राज्यों में चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। सौरभ ने स्वीकार किया कि वह और रिंकू पहले धौलपुर, भिंड और आगरा में चोरी के मामलों में जेल जा चुके हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरोह के सरगना रिंकू उर्फ योगेश कुशवाह पर विभिन्न जिलों में चोरी के कई मामले दर्ज हैं और वह लंबे समय से सक्रिय अपराधी है।
बैराड़ पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई टाटा नेक्सॉन कार, गैस कटर से जुड़े सामान, देशी कट्टा और तीन जिंदा कारतूस जब्त कर लिए हैं। पुलिस अब फरार आरोपी रिंकू उर्फ योगेश कुशवाह, राकेश कुशवाह और देवेंद्र उर्फ देवू की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पूरे गिरोह को गिरफ्तार कर मामले का पूर्ण खुलासा किया जाएगा।
इस कार्रवाई को बैराड़ पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। समय रहते पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक बड़ी चोरी की वारदात टल गई और सराफा व्यापारियों को भारी नुकसान से बचाया जा सका। पुलिस का मानना है कि गिरोह से पूछताछ के बाद प्रदेश और पड़ोसी राज्यों में हुई अन्य चोरी की घटनाओं के भी अहम खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर उनके आपराधिक नेटवर्क और अन्य साथियों की जानकारी जुटाने में लगी हुई है।