थाना प्रभारी नीतू सिंह की टीम की बड़ी सफलता:3 माह से लापता नाबालिग बालिका सुरक्षित दस्तयाब

Nikk Pandit
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खबर शिवपुरी जिले के पिछोर थाना पिछोर पुलिस ने नाबालिग बालक-बालिकाओं की तलाश और दस्तयाबी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने अपराध क्रमांक 199/26 में लापता नाबालिग बालिका को सुरक्षित दस्तयाब कर लिया है। दस्तयाबी की कार्रवाई पूरी करने के बाद पुलिस ने बालिका को बाल कल्याण समिति शिवपुरी के समक्ष प्रस्तुत किया।

पुलिस के अनुसार यह मामला 8 मई 2026 का है। थाना पिछोर क्षेत्र निवासी एक परिजन ने पुलिस को सूचना दी थी कि उनकी नाबालिग बेटी रात के समय बिना बताए घर से कहीं चली गई है। परिजनों ने अपने स्तर पर उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद परिजन द्वारा थाना पिछोर में शिकायत दर्ज कराई गई।

शिकायत मिलने के बाद थाना पिछोर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अपराध क्रमांक 199/26 दर्ज कर विवेचना शुरू की। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया और नाबालिग बालिका की तलाश के लिए पुलिस टीम को सक्रिय किया गया।

एसपी के निर्देश पर लगातार तलाश

जिले में गुम एवं अपहृत नाबालिग बालक-बालिकाओं की सुरक्षित दस्तयाबी को लेकर पुलिस अधीक्षक श्रीमती यांगचेन डोलकर भूटिया द्वारा थाना प्रभारियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं। निर्देशों के तहत पुलिस द्वारा ऐसे मामलों में तत्काल कार्रवाई करते हुए लापता बच्चों की तलाश की जा रही है।

इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आर.डी. प्रजापति एवं एसडीओपी पिछोर प्रशांत शर्मा के मार्गदर्शन में थाना पिछोर पुलिस ने नाबालिग बालिका की तलाश के लिए लगातार प्रयास किए। पुलिस टीम ने संभावित स्थानों पर जानकारी जुटाने के साथ मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया।

कई दिनों तक लगातार तलाश और जानकारी जुटाने के बाद पुलिस को बालिका के संबंध में महत्वपूर्ण सूचना प्राप्त हुई। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए 17 अगस्त 2026 को नाबालिग बालिका को विधिवत सुरक्षित दस्तयाब कर लिया।

दस्तयाबी के बाद बाल कल्याण समिति के समक्ष किया प्रस्तुत

बालिका की दस्तयाबी के बाद पुलिस ने नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई पूरी की। इसके बाद उसे बाल कल्याण समिति शिवपुरी के समक्ष प्रस्तुत किया गया। पुलिस द्वारा मामले में आगे की वैधानिक प्रक्रिया भी नियमानुसार जारी रखी गई है।

पुलिस की इस कार्रवाई को नाबालिग बालिकाओं की सुरक्षा और दस्तयाबी के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। पुलिस द्वारा मामले में बालिका की सुरक्षा और उसके हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक प्रक्रिया का पालन किया गया।

थाना प्रभारी नीतू सिंह के नेतृत्व में कार्रवाई

पूरी कार्रवाई थाना प्रभारी निरीक्षक नीतू सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा की गई। थाना पुलिस द्वारा लगातार जानकारी जुटाने और मुखबिर तंत्र को सक्रिय रखने के कारण बालिका की सुरक्षित दस्तयाबी संभव हो सकी।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिले में गुमशुदा एवं अपहृत नाबालिग बच्चों की तलाश को प्राथमिकता दी जा रही है। ऐसे मामलों में पुलिस टीमों को तत्काल सक्रिय कर संभावित स्थानों पर तलाश की जाती है और उपलब्ध तकनीकी एवं सूचना तंत्र की मदद से बच्चों की सुरक्षित दस्तयाबी के प्रयास किए जाते हैं।

पुलिस टीम की रही सराहनीय भूमिका

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक नीतू सिंह, उप निरीक्षक रामकिशोर जोशी, सहायक उप निरीक्षक अरविंद सगर, प्रधान आरक्षक 703 रामहेत सिंह, आरक्षक 425 धर्मेन्द्र लोधी, आरक्षक 1026 प्रदीप नरवरिया एवं एनआरएस नंदिनी राजा की सराहनीय भूमिका रही।

पिछोर पुलिस की कार्रवाई के बाद बालिका को सुरक्षित दस्तयाब कर बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। पुलिस द्वारा मामले से संबंधित अन्य आवश्यक वैधानिक कार्रवाई भी पूरी की जा रही है।

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जिले में नाबालिग बच्चों की गुमशुदगी और अपहरण के मामलों में लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का प्रयास है कि ऐसे मामलों में बच्चों को जल्द से जल्द सुरक्षित तलाश कर उनके परिजनों तक पहुंचाया जाए तथा प्रत्येक मामले में कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

नाबालिग बालिका की पहचान और उससे जुड़ी व्यक्तिगत जानकारी को पुलिस एवं बाल संरक्षण की प्रक्रिया के अनुरूप सार्वजनिक नहीं किया गया है।

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