खबर:शिवपुरी जिले के करैरा क्षेत्र में कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के औचक भ्रमण ने सरकारी व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत सामने ला दी। ग्राम थनरा, दबरा सहित विभिन्न क्षेत्रों में निरीक्षण के दौरान कहीं स्वास्थ्य केंद्र में ताला मिला तो कहीं गंदगी और लापरवाही दिखाई दी। आंगनबाड़ी केंद्र में भी व्यवस्थाएं संतोषजनक नहीं मिलीं। जनजातीय बस्ती में ग्रामीणों ने बिजली, पानी, राशन, पेंशन और स्वास्थ्य सुविधाओं की समस्याएं कलेक्टर के सामने रखीं। खामियां सामने आने के बाद कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार और कार्रवाई के निर्देश दिए।
जनजातीय बस्ती में जमीन पर बैठकर सुनी ग्रामीणों की परेशानी
कलेक्टर अर्पित वर्मा ने ग्राम दबरा (दिनारा) की जनजातीय बस्ती का पैदल भ्रमण किया और ग्रामीणों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने बिजली, पेयजल, राशन, पेंशन और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं बताईं। कलेक्टर ने मौके पर ही पटवारी को बुलाकर ग्रामीणों की समस्याओं के निराकरण की प्रक्रिया शुरू कराई।
फौती नामांतरण, किसान सम्मान निधि, पेंशन और राशन जैसी योजनाओं से जुड़े मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने अधिकारियों से साफ कहा कि पात्र हितग्राहियों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
बच्चों और महिलाओं के टीकाकरण पर जोर, बस्ती में लगेगा विशेष कैंप
कलेक्टर ने बच्चों और महिलाओं के शत-प्रतिशत टीकाकरण के निर्देश दिए। साथ ही आरबीएसके स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने के लिए भी कहा। ग्रामीणों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए बस्ती में विशेष कैंप लगाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि लोगों को छोटी-छोटी सरकारी सेवाओं के लिए कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
बस्ती में अवैध शराब की गतिविधियों की शिकायत सामने आने पर कलेक्टर ने आबकारी विभाग को भी तत्काल सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
आंगनबाड़ी केंद्र में मिली अव्यवस्था, कार्यकर्ता को हटाने के निर्देश
ग्राम दबरा (दिनारा) स्थित सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक-2 का निरीक्षण कलेक्टर ने किया तो वहां व्यवस्थाओं को लेकर लापरवाही सामने आई। बच्चों के पोषण और देखभाल से जुड़ी व्यवस्था पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने बाल विकास परियोजना अधिकारी को संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए। साथ ही मध्याह्न भोजन की व्यवस्था सुचारु और पारदर्शी तरीके से संचालित कराने के लिए स्थानीय समूह को जिम्मेदारी सौंपने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य केंद्र का कक्ष बंद मिला, अधिकारी अनुपस्थित; हटाने के निर्देश
कलेक्टर के उप स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई। निरीक्षण के दौरान केंद्र में गंदगी मिली और पदस्थ सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी का कक्ष बंद पाया गया। संबंधित अधिकारी बिना पूर्व सूचना अथवा अनुमति के ड्यूटी से अनुपस्थित मिलीं।
स्वास्थ्य जैसी जरूरी सेवा में इस स्तर की लापरवाही पर कलेक्टर ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने अनुपस्थित सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी एवं संबंधित कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से पद से हटाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं से किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्कूलों में भी पहुंच गए कलेक्टर, बच्चों से पूछे सवाल
कलेक्टर ने एकीकृत शाला शासकीय माध्यमिक विद्यालय थनरा, प्राथमिक विद्यालय दबरा (दिनारा) सहित अन्य शासकीय स्कूलों का भी औचक निरीक्षण किया। उन्होंने कक्षाओं में पहुंचकर विद्यार्थियों से बातचीत की और उनके शैक्षणिक स्तर को परखा।
शिक्षकों की उपस्थिति, विद्यार्थियों की उपस्थिति, अध्यापन कार्य, स्कूल परिसर की स्वच्छता और मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने शिक्षकों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने और विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पानी और बिजली की समस्या पर भी तत्काल निर्देश
ग्रामीणों से बातचीत के दौरान पेयजल और बिजली की समस्याएं सामने आईं। कलेक्टर ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को उप स्वास्थ्य केंद्र परिसर के हैंडपंप में पाइप बढ़ाने के निर्देश दिए। स्कूल और गांव के हैंडपंपों में जल की शुद्धता बनाए रखने के लिए ब्लीचिंग पाउडर डालने को कहा।
बिजली व्यवस्था को लेकर भी कलेक्टर ने कनिष्ठ अभियंता को निर्देश दिए कि विद्युत आपूर्ति सुचारु रखी जाए और ग्रामीणों की शिकायतों का जल्द निराकरण किया जाए।
तहसील कार्यालय में भी जांची राजस्व व्यवस्था
करैरा तहसील कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर ने प्रशासनिक कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने पीएम किसान सम्मान निधि के क्रियान्वयन और आरसीएमएस पंजी की जांच करते हुए राजस्व प्रकरणों की स्थिति देखी।
तहसील परिसर में मौजूद आम नागरिकों से भी कलेक्टर ने सीधे संवाद किया और उनके आवेदन लिए। अधिकारियों को इन शिकायतों का समयबद्ध निराकरण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने अधिवक्ताओं से भी चर्चा कर प्रशासनिक कार्यप्रणाली और बेहतर समन्वय पर जोर दिया।
निरीक्षण ने दिए साफ संकेत—लापरवाही पर अब कार्रवाई तय
करैरा क्षेत्र के इस औचक निरीक्षण में कलेक्टर ने केवल सरकारी योजनाओं की कागजी प्रगति नहीं देखी, बल्कि गांवों से लेकर स्कूल, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र और तहसील कार्यालय तक पहुंचकर जमीनी स्थिति जांची। जहां लापरवाही मिली, वहां तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर का यह दौरा प्रशासनिक अमले के लिए भी स्पष्ट संदेश माना जा रहा है कि जनता से जुड़ी स्वास्थ्य, शिक्षा, राशन, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सेवाओं में लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारों पर कार्रवाई तय है।