खबर:शिवपुरी जिले के करेरा स्थित पी.के. यूनिवर्सिटी के पं. महावीर प्रसाद मेमोरियल आयुर्वेदिक कॉलेज एवं हॉस्पिटल में नवीन शैक्षणिक सत्र का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि अपर कलेक्टर दिनेश चंद्र शुक्ला विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। नवप्रवेशी विद्यार्थियों के लिए आयोजित कार्यक्रम में अतिथियों ने उन्हें बेहतर शिक्षा, अनुशासन और सेवा भावना के साथ चिकित्सा क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर पी.के. यूनिवर्सिटी के चांसलर जे.पी. शर्मा, वाइस चांसलर डॉ. मुकेश चंद्र, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. जे.के. मिश्रा एवं कुलसचिव डॉ. जितेंद्र मलिक सहित कॉलेज प्रबंधन, चिकित्सक, प्राध्यापक और बड़ी संख्या में नवप्रवेशी छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के मौके पर कॉलेज परिसर में उत्साह का माहौल रहा। नवागत विद्यार्थियों ने नए सफर की शुरुआत के साथ चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में अपने भविष्य को लेकर उत्साह व्यक्त किया।
‘एक पेड़ मां के नाम’ से पर्यावरण संरक्षण का संदेश
कार्यक्रम के दौरान ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत कॉलेज परिसर में पौधारोपण भी किया गया।
कलेक्टर सहित अतिथियों और विद्यार्थियों ने पौधे लगाए। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने का संकल्प भी लिया गया।
कार्यक्रम में शिक्षा के साथ पर्यावरण संरक्षण को जोड़ते हुए विद्यार्थियों को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए भी प्रेरित किया गया।
कलेक्टर वर्मा ने छात्रों से कहा- चरित्र ही सबसे बड़ा आभूषण
नवागत विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कलेक्टर अर्पित वर्मा ने अपने प्रशिक्षण और प्रशासनिक सेवा के अनुभव साझा किए। उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी, मसूरी में प्रशिक्षण के दिनों की यादें विद्यार्थियों के साथ साझा करते हुए उन्हें अपने लक्ष्य के प्रति लगातार मेहनत करने की सीख दी।
कलेक्टर ने विद्यार्थियों को ‘शीलम् परम भूषणम्’ का संदेश देते हुए कहा कि उत्कृष्ट चरित्र ही व्यक्ति का सबसे बड़ा आभूषण है। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, लगन और सेवा भाव को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि चिकित्सा का क्षेत्र केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज की सेवा का माध्यम भी है। इसलिए विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई के साथ मानवीय संवेदनाओं और सेवा भावना को भी मजबूत करना चाहिए।
गुरुजनों का सम्मान और मेहनत को बताया सफलता की कुंजी
कलेक्टर वर्मा ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ाई करने और कठिन परिश्रम से पीछे नहीं हटने की सीख दी। उन्होंने कहा कि आज विद्यार्थियों द्वारा की गई मेहनत ही आने वाले समय में उनके उज्ज्वल और स्वर्णिम भविष्य की नींव तैयार करेगी।
उन्होंने विद्यार्थियों को अपने गुरुजनों का सदैव सम्मान करने और उनसे सीखने की प्रवृत्ति बनाए रखने की बात कही। कलेक्टर ने सभी नवप्रवेशी विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक सत्र के लिए शुभकामनाएं देते हुए उनके सफल भविष्य की कामना की।
लाइब्रेरी और चिकित्सा विभागों का किया निरीक्षण
कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर सहित अन्य अतिथियों ने कॉलेज परिसर का भ्रमण किया। उन्होंने विशाल लाइब्रेरी के साथ विभिन्न शैक्षणिक एवं चिकित्सकीय विभागों की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया।
अतिथियों ने कॉलेज में उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों और विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। कॉलेज प्रबंधन ने भी संस्थान की शैक्षणिक एवं चिकित्सकीय गतिविधियों से अतिथियों को अवगत कराया।
राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ और राष्ट्रगान ‘जन-गण-मन’ का गरिमामय गायन हुआ। पूरे कार्यक्रम में नवप्रवेशी विद्यार्थियों में खास उत्साह देखने को मिला।
नवीन सत्र का यह शुभारंभ विद्यार्थियों के लिए केवल कॉलेज में प्रवेश की शुरुआत नहीं, बल्कि ज्ञान, अनुशासन, चरित्र और समाजसेवा के नए संकल्प की शुरुआत के रूप में सामने आया। कलेक्टर वर्मा के प्रेरक संबोधन ने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित होकर आगे बढ़ने का संदेश दिया।