बंटी शर्मा शिवपुरी: खबर शिवपुरी जिले में खरीफ सीजन से पहले किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने कृषि एवं खाद वितरण से जुड़े अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले में खाद वितरण व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित रहे। उन्होंने कहा कि किसानों को खाद के लिए भटकना न पड़े और किसी भी स्तर पर अव्यवस्था की शिकायत नहीं आनी चाहिए।
कलेक्ट्रेट में आयोजित बैठक में कृषि विभाग के अधिकारियों और किसान संघ के पदाधिकारियों के साथ खाद वितरण, गेहूं उपार्जन भुगतान, मंडी व्यवस्थाओं और किसान रजिस्ट्री जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में किसान संघ के संभागीय अध्यक्ष कल्याण सिंह यादव, जिला अध्यक्ष बृजेश धाकड़, जिला सलाहकार समिति सदस्य हरवीर रघुवंशी सहित कई अधिकारी और किसान प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
हर दिन जारी होगी खाद उपलब्धता की जानकारी
कलेक्टर अर्पित वर्मा ने निर्देश दिए कि जिले में उपलब्ध खाद के स्टॉक और वितरण की स्थिति की जानकारी प्रतिदिन साझा की जाए। इससे किसानों को सही जानकारी मिल सकेगी और अफवाहों या अनावश्यक भीड़ की स्थिति नहीं बनेगी। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता है कि हर पात्र किसान को समय पर खाद उपलब्ध हो।
302 करोड़ से अधिक का गेहूं भुगतान, अधिकांश राशि किसानों के खातों में पहुंची
बैठक में एडीएम दिनेश शुक्ला ने बताया कि जिले में इस वर्ष 1 लाख 54 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की गई है। इसके एवज में किसानों को 302.14 करोड़ रुपए का भुगतान किया जाना है, जिसमें से लगभग 289 करोड़ रुपए किसानों के खातों में भेजे जा चुके हैं। शेष भुगतान भी जल्द पूरा कर दिया जाएगा।
एनपीके और नैनो यूरिया अपनाने की अपील
बैठक में कलेक्टर अर्पित वर्मा ने किसानों को आधुनिक और संतुलित खेती की ओर प्रेरित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एनपीके खाद का उपयोग बढ़ाने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए। इससे खेती की लागत कम होगी और उत्पादन क्षमता बढ़ेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि नैनो यूरिया किसानों के लिए लाभदायक विकल्प है। कृषि विभाग के अधिकारी गांव-गांव जाकर किसानों को इसके फायदे बताएं, ताकि अधिक से अधिक किसान नई तकनीक और आधुनिक उर्वरकों का उपयोग कर सकें।
किसानों के हित सर्वोच्च प्राथमिकता
कलेक्टर अर्पित वर्मा ने स्पष्ट कहा कि किसानों से जुड़े हर मुद्दे पर प्रशासन संवेदनशील है। खाद वितरण, भुगतान, मंडी व्यवस्था और किसान पंजीयन जैसे कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसानों को समय पर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
🚜 "किसान मजबूत होगा तो कृषि मजबूत होगी, और कृषि मजबूत होगी तो देश आगे बढ़ेगा" — इसी सोच के साथ जिला प्रशासन किसानों की समस्याओं के समाधान में जुटा हुआ है।