करैरा बगीचा मंदिर विवाद गरमाया, संत समाज धरने पर बैठा:महंत पर हमले के आरोप के बीच प्रीतम लोधी पहुंचे, ट्रस्ट और निष्पक्ष जांच की उठी मांग

Nikk Pandit
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सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले के करैरा में स्थित प्रसिद्ध बगीचा सरकार मंदिर में पूजा-अर्चना को लेकर शुरू हुआ विवाद अब बड़ा रूप लेता दिखाई दे रहा है। मंगलवार को संत समाज मंदिर परिसर में धरने पर बैठ गया, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय नागरिक भी शामिल हुए। इस दौरान पिछोर विधायक प्रीतम लोधी भी सैकड़ों समर्थकों के साथ करैरा पहुंचे और संत समाज को खुला समर्थन दिया।

धरना स्थल पर विधायक प्रीतम लोधी ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि संत समाज की आस्था और सम्मान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो वे इस मुद्दे को सड़क से सदन तक उठाएंगे और संत समाज के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे।

धरने के दौरान संत समाज ने करैरा एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि 9 मई की रात मंदिर के मुख्य महंत राजेंद्र गिरी महाराज के साथ मारपीट की गई और जानलेवा हमला करने का प्रयास हुआ। संत समाज ने भोला पंडित उर्फ सुधीर दुबे और उनके सहयोगियों के खिलाफ निष्पक्ष एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

संत समाज ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, मंदिर की आय-व्यय का ऑडिट करवाने, मंदिर परिसर में स्थायी सुरक्षा व्यवस्था लागू करने तथा मंदिर को शासकीय ट्रस्ट अथवा धार्मिक न्यास व्यवस्था के अधीन लाने की मांग भी उठाई। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि मंदिर की चढ़ावे की राशि और धार्मिक आय का दुरुपयोग कर निजी संपत्तियां अर्जित की गई हैं। संत समाज ने संबंधित लोगों की संपत्तियों, बैंक खातों और आय के स्रोतों की आर्थिक जांच की मांग की है।

वहीं दूसरी ओर करैरा के नागरिकों और श्रद्धालुओं ने भी एसडीएम को अलग से ज्ञापन सौंपा। इसमें “श्री हनुमानजी मंदिर, बाबा का बाग (बगीचा) धार्मिक सार्वजनिक ट्रस्ट” को प्रभावी रूप से लागू करने की मांग की गई। नागरिकों का कहना है कि वर्ष 2002 में ट्रस्ट गठन के बावजूद आज तक व्यवस्था सही तरीके से लागू नहीं हो सकी है।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि कुछ असामाजिक तत्वों ने मंदिर परिसर पर कब्जा कर रखा है और श्रद्धालुओं से धार्मिक आयोजनों के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। लोगों ने मंदिर परिसर से अवैध कब्जे हटाने, ट्रस्ट व्यवस्था लागू करने और स्थायी पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।

गौरतलब है कि 9 मई को करैरा के बगीचा मंदिर में राम मंदिर की पूजा को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया था। विवाद इतना बढ़ा कि दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी-डंडे चले, जिसमें कई लोग घायल हुए थे। मामले में करैरा थाना पुलिस ने विभिन्न लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर आस्था के इस केंद्र में विवाद और हिंसा का माहौल क्यों बना हुआ है? क्या प्रशासन मंदिर विवाद का स्थायी समाधान निकाल पाएगा या मामला और ज्यादा गरमाएगा? 🤔
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