बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी शहर में गहराते जल संकट के बीच कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा (IAS) ने एक बार फिर सक्रियता दिखाते हुए पेयजल व्यवस्था को लेकर बड़ी बैठक आयोजित की।
जनप्रतिनिधियों, नगर पालिका अधिकारियों और संबंधित विभागों के साथ हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में शहरवासियों को निर्बाध जलापूर्ति उपलब्ध कराने के लिए कई अहम निर्णय लिए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि गर्मी के इस दौर में आम नागरिकों को पानी के लिए परेशान नहीं होना चाहिए और प्रशासन हर संभव प्रयास करेगा।
बैठक में कलेक्टर अर्पित वर्मा ने जनप्रतिनिधियों से सीधे संवाद कर विभिन्न वार्डों की समस्याओं की जानकारी ली और मौके पर ही कई आवश्यक निर्देश जारी किए। उन्होंने जल संसाधन विभाग को चांदपाठा से माधव लेक तक पानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि शहर की जलापूर्ति व्यवस्था को अतिरिक्त सहारा मिल सके।
वहीं नगर पालिका सीएमओ ईशांत धाकड़ को निर्देशित किया गया कि शहर में बंद पड़े लेकिन उपयोगी बोरवेलों को तत्काल चालू कराया जाए। कलेक्टर ने कहा कि उपलब्ध सभी जल स्रोतों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जाए, जिससे नागरिकों को राहत मिल सके।
बैठक में यह भी तय किया गया कि 24 हजार लीटर क्षमता वाले बड़े टैंकरों से सम्पवेल भरकर पेयजल आपूर्ति को मजबूत किया जाएगा। वर्तमान में नगर पालिका द्वारा 25 टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाया जा रहा है, लेकिन बढ़ती आवश्यकता को देखते हुए कलेक्टर ने टैंकरों की संख्या बढ़ाकर 35 करने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर अर्पित वर्मा ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि जलापूर्ति व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रत्येक वार्ड में जरूरत के अनुसार पानी उपलब्ध कराया जाए और जहां समस्या अधिक है वहां प्राथमिकता के आधार पर राहत पहुंचाई जाए।
नगर पालिका सीएमओ ईशांत धाकड़ ने भी भरोसा दिलाया कि प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए शहर में पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। बंद बोरवेलों को चालू कराने, अतिरिक्त टैंकर लगाने और जल वितरण व्यवस्था को व्यवस्थित करने की दिशा में तेजी से कार्रवाई की जाएगी।
शहर में लंबे समय से बनी जल संकट की स्थिति के बीच कलेक्टर अर्पित वर्मा और सीएमओ ईशांत धाकड़ की यह पहल आम नागरिकों के लिए राहत की उम्मीद लेकर आई है। अब देखना होगा कि प्रशासन की यह कार्ययोजना आने वाले दिनों में लोगों को कितनी राहत दिला पाती है।