उर्वरक माफियाओं पर प्रशासन का बड़ा प्रहार: कोलारस में खाद विक्रेता पर एफआईआर, गोदाम सील, लाखों का स्टॉक जांच के घेरे में

Nikk Pandit
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बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले में किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा के निर्देश पर जिलेभर में उर्वरकों की उपलब्धता, गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था की निगरानी तेज कर दी गई है।

इसी अभियान के तहत कोलारस क्षेत्र में एक उर्वरक विक्रेता के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की गई है। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि खाद की कालाबाजारी, अवैध भंडारण और नियमों का उल्लंघन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जानकारी के अनुसार, कृषि एवं राजस्व विभाग के संयुक्त दल ने ग्राम खरई स्थित मैसर्स जय मां वैष्णो देवी बीज भंडार का निरीक्षण किया। जांच टीम के पहुंचते ही संबंधित विक्रेता रामकृष्ण वर्मा मौके से गायब हो गए और संपर्क करने के बावजूद उपलब्ध नहीं हुए। इससे जांच दल को संदेह हुआ और विस्तृत निरीक्षण शुरू किया गया।

जांच के दौरान दुकान से जुड़े गोदामों और कमरों में बड़ी मात्रा में उर्वरक भंडारित मिला। एक बंद कमरे में भी खिड़की के माध्यम से खाद की बोरियां रखे होने की जानकारी सामने आई। स्थिति को देखते हुए संयुक्त दल ने सभी कमरों को सील कर दिया। अगले दिन विक्रेता की मौजूदगी में दोबारा निरीक्षण किया गया तो सीलबंद कक्षों के ताले और सामग्री की स्थिति में बदलाव पाया गया, जिससे सील से छेड़छाड़ की आशंका और गहरा गई।

निरीक्षण में यह भी सामने आया कि बड़ी मात्रा में विभिन्न कंपनियों के उर्वरक और मृदा सुधारक उत्पाद रखे हुए थे, जो विक्रेता की अनुज्ञप्ति में दर्ज अनुमोदित स्रोतों से संबंधित नहीं थे। इसके अलावा विक्रेता जांच दल को स्टॉक रजिस्टर, पीओएस मशीन, बिल-वाउचर, विक्रय अनुज्ञप्ति और अन्य आवश्यक दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं कर सका। दुकान पर मूल्य सूची और स्टॉक प्रदर्शन बोर्ड भी नहीं पाया गया।

प्रशासन ने मौके पर उपलब्ध उर्वरकों के नमूने लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं। साथ ही संदिग्ध उर्वरकों को जब्त कर विक्रेता की सुपुर्दगी में रखते हुए उनके विक्रय पर तत्काल रोक लगा दी गई है। पूरी कार्रवाई पंचों और अधिकारियों की मौजूदगी में पंचनामा बनाकर की गई।

प्रारंभिक जांच में अवैध रूप से उर्वरक खरीदने और बेचने तथा उर्वरक नियंत्रण संबंधी नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर संबंधित विक्रेता के खिलाफ उर्वरक (गुण नियंत्रण) आदेश 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।

कलेक्टर अर्पित वर्मा ने सभी एसडीएम और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसानों को समय पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर कालाबाजारी, जमाखोरी या नियमों के उल्लंघन की शिकायत मिलने पर तत्काल सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस कार्रवाई से जिले के उर्वरक कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
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