किसानों के लिए राहत की खबर: शिवपुरी जिले में पहुंची 1370 मीट्रिक टन डीएपी, सहकारी समितियों और निजी केंद्रों से होगा वितरण

Nikk Pandit
0
बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले में खरीफ सीजन की तैयारियों के बीच जिले के किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शिवपुरी जिले में 1370 मीट्रिक टन डीएपी (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। इफको कंपनी की डीएपी रैक शिवपुरी रैक प्वाइंट पर पहुंच चुकी है, जिसके बाद जिलेभर में उर्वरक वितरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन का दावा है कि इस बार किसानों को डीएपी की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, डीएपी का वितरण सहकारी समितियों, डबल लॉक केंद्रों और निजी उर्वरक विक्रेताओं के माध्यम से किया जाएगा। किसानों को उर्वरक ई-विकास प्रणाली में पंजीयन के बाद उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वितरण प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित बनी रहे।

जिले की 32 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों को कुल 800 मीट्रिक टन डीएपी आवंटित किया गया है। प्रत्येक समिति को 25-25 मीट्रिक टन उर्वरक उपलब्ध कराया गया है। दुल्हारा, बूडदा, देहरदागणेश, बेहटा, खरई, कोलारस, भडोता, इंदार, मडवासा, पीरोंठ, शिवपुरी, नरवर, मगरौनी, सीहोर, बैराड़, पिपरसमां सहित विभिन्न क्षेत्रों की समितियों के माध्यम से किसानों को स्थानीय स्तर पर उर्वरक उपलब्ध कराया जाएगा।

इसके अलावा जिले के तीन डबल लॉक केंद्रों को भी कुल 300 मीट्रिक टन डीएपी आवंटित किया गया है। इसमें मार्कफेड कोलारस को 150 मीट्रिक टन, मार्कफेड शिवपुरी को 125 मीट्रिक टन तथा मार्कफेड बदरवास को 25 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध कराया गया है। इन केंद्रों के माध्यम से भी किसानों को आवश्यकतानुसार उर्वरक वितरण किया जाएगा।

किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए निजी क्षेत्र को भी वितरण व्यवस्था में शामिल किया गया है। जिले के विभिन्न निजी उर्वरक विक्रेताओं को कुल 270 मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध कराया गया है। पीएस ट्रेडर्स कोलारस, लक्ष्मी ट्रेडर्स रन्नौद, जनता एग्रो एजेंसी शिवपुरी, राधिका ट्रेडर्स, धाकड़ खाद बीज भंडार सहित कई विक्रेताओं को 25-25 मीट्रिक टन डीएपी आवंटित किया गया है।

कृषि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि खरीफ फसलों की बुवाई से पहले किसानों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उर्वरक वितरण पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि कालाबाजारी, जमाखोरी या कृत्रिम संकट जैसी स्थिति उत्पन्न न हो सके।

जिले में डीएपी की बड़ी खेप पहुंचने से किसानों में राहत का माहौल है। अब प्रशासन की चुनौती यह सुनिश्चित करना होगी कि उर्वरक सही समय पर और सही किसानों तक पहुंचे, ताकि आगामी खरीफ सीजन में खेती-किसानी प्रभावित न हो।
Tags

एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें (0)