बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी मानसून से पहले जिले की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा एक्शन मोड में नजर आए।
बुधवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिले के सभी नगरीय निकायों के अध्यक्षों और मुख्य नगरपालिका अधिकारियों की बैठक लेते हुए उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि वर्षा शुरू होने से पहले सभी नालों की सफाई हर हाल में पूरी की जाए। जहां-जहां अतिक्रमण के कारण जल निकासी प्रभावित हो रही है, वहां तत्काल कार्रवाई की जाए और नए अतिक्रमण किसी भी स्थिति में न होने दिए जाएं।
बैठक में पेयजल व्यवस्था, प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), अमृत 2.0, जल गंगा संवर्धन अभियान और मानसून तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता और समयसीमा को लेकर किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी सीएमओ स्वयं मौके पर पहुंचकर कार्यों का भौतिक सत्यापन करें और गुणवत्ता सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों की निगरानी करना अधिकारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी है।
नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कलेक्टर ने सभी नगरीय निकायों को अपने-अपने क्षेत्र में स्थित जर्जर भवनों का तत्काल सर्वे और चिन्हांकन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे भवनों को समय रहते हटाया जाए या आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जाए, ताकि बारिश के दौरान किसी प्रकार की दुर्घटना न हो और जनहानि से बचा जा सके।
शहरों की बिगड़ती यातायात व्यवस्था पर भी बैठक में गंभीर चर्चा हुई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि नगरपालिका और यातायात पुलिस मिलकर संयुक्त कार्ययोजना तैयार करें। सड़कों पर अव्यवस्थित रूप से खड़े वाहनों और यातायात बाधित करने वाले अतिक्रमणों पर कार्रवाई के लिए नगरीय निकायों को टोइंग वाहन (क्रेन) खरीदने की योजना बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं, जिससे नियमों का प्रभावी पालन कराया जा सके।
बैठक में बेसहारा और जरूरतमंद लोगों के लिए रैन बसेरों की व्यवस्था को भी प्राथमिकता देने की बात कही गई। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी नगरीय निकाय अपने क्षेत्र में रैन बसेरों की उपलब्धता सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी जरूरतमंद व्यक्ति को खुले आसमान के नीचे रात गुजारने के लिए मजबूर न होना पड़े।
पेयजल संकट को लेकर कलेक्टर ने बैराड़ क्षेत्र की विशेष समीक्षा की। उन्होंने सीएमओ को निर्देश दिए कि लाइन डिस्ट्रीब्यूशन और नल कनेक्शन कार्यों की नियमित निगरानी करें। यदि कोई ठेकेदार कार्य में लापरवाही या देरी करता है तो उसका भुगतान रोका जाए और उसे नोटिस जारी किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में पिछोर नगर परिषद द्वारा मोती सागर तालाब में फैली जलकुंभी का मुद्दा भी उठाया गया। इस पर कलेक्टर ने तत्काल जलकुंभी हटाने और तालाब की सफाई कराने के निर्देश दिए, ताकि इसे पेयजल के बेहतर स्रोत के रूप में उपयोग किया जा सके। साथ ही उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत सभी नगरीय निकायों को जनभागीदारी से जल संरक्षण गतिविधियां संचालित करने और पोर्टल पर समयबद्ध प्रविष्टियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर अर्पित वर्मा ने बैठक के अंत में स्पष्ट संदेश दिया कि मानसून से पहले सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं, ताकि बारिश के दौरान जलभराव, पेयजल संकट और अन्य समस्याओं से नागरिकों को परेशानी न उठानी पड़े। प्रशासन का लक्ष्य सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित नगरीय व्यवस्था स्थापित करना है।