बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले के पिछोर विधायक प्रीतम लोधी ने कुख्यात डकैत रामबाबू गड़रिया को अपना "सुख-दुख का साथी" बताने वाले विवादित बयान पर आखिरकार खेद व्यक्त किया है। विधायक ने रविवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति या समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। यदि उनके किसी वक्तव्य से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो वह उसके लिए हृदय से खेद व्यक्त करते हैं।
गौरतलब है कि 31 मई को पिछोर में आयोजित
अहिल्याबाई होल्कर जयंती समारोह के दौरान विधायक प्रीतम लोधी ने मंच से कुख्यात डकैत रामबाबू गड़रिया को अपना "सुख-दुख का साथी" बताया था। इतना ही नहीं, कार्यक्रम में रामबाबू गड़रिया की तस्वीर पर माल्यार्पण भी किया गया था। इस बयान के सामने आने के बाद गुर्जर समाज सहित कई अन्य समाजों और संगठनों में नाराजगी फैल गई थी।
वीडियो जारी कर दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद विधायक प्रीतम लोधी ने वीडियो संदेश जारी कर कहा कि वह देवी अहिल्याबाई होल्कर जयंती के अवसर पर बघेल समाज के कार्यक्रम में अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। कार्यक्रम के दौरान यदि उनके द्वारा किसी प्रकार की गलत शब्दावली का प्रयोग हुआ है तो उसका गलत अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि उनका राजनीतिक और सामाजिक जीवन हमेशा सभी समाजों के सम्मान और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए समर्पित रहा है।
"दिल से खेद व्यक्त करता हूं"
वीडियो संदेश में विधायक ने कहा—
"मेरा ऐसा कोई उद्देश्य नहीं था कि किसी व्यक्ति या समाज की भावनाओं को आहत करूं। फिर भी यदि मेरे किसी वक्तव्य से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो मैं उसके लिए हृदय से खेद व्यक्त करता हूं।"
उन्होंने आगे कहा कि समाज में प्रेम, भाईचारा और सद्भाव बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और आगे भी वह इसी भावना के साथ कार्य करते रहेंगे।
बयान के बाद मचा था राजनीतिक बवाल
विधायक के बयान के बाद क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं। कई संगठनों और समाजों ने इस बयान पर आपत्ति जताते हुए सार्वजनिक रूप से विरोध दर्ज कराया था। सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर बहस छिड़ गई थी।
अब विधायक द्वारा खेद व्यक्त किए जाने के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि विवाद थमता है या विपक्ष और सामाजिक संगठन इस मुद्दे को आगे भी उठाते हैं।