जनसुनवाई में किसानों की फूटी पीड़ा: फर्जी खातों में पहुंची उपार्जन राशि, बेटी की शादी से पहले न्याय की गुहार

Nikk Pandit
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बंटी शर्मा शिवपुरी: खबर शिवपुरी जिला मुख्यालय पर मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में आमजन की विभिन्न समस्याएं सामने आईं। कलेक्टर अर्पित वर्मा ने लोगों की शिकायतें सुनीं और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक जांच एवं कार्रवाई के निर्देश दिए। जनसुनवाई में किसानों की उपार्जन राशि फर्जी बैंक खातों में पहुंचने का मामला प्रमुखता से उभरकर सामने आया।

खेल मैदान की मांग लेकर पहुंचे ग्रामीण

जनपद पंचायत पिछोर की ग्राम पंचायत पिपारा के युवा खिलाड़ियों, छात्रों और ग्रामीणों ने गांव में शासकीय खेल मैदान निर्माण की मांग को लेकर आवेदन सौंपा। ग्रामीणों का कहना है कि 5 से 8 हजार की आबादी वाले गांव में आज तक कोई खेल मैदान नहीं बनाया गया है। इसके कारण खिलाड़ियों को अभ्यास और प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए दूसरे गांवों का रुख करना पड़ता है।

फर्जी खाते में पहुंची गेहूं उपार्जन की राशि

बदरवास तहसील के ग्राम पिरोंठ निवासी मुलाम बाई यादव ने शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि उनकी गेहूं उपार्जन की 28,100 रुपये की राशि फीनो बैंक में फर्जी खाता खोलकर निकाल ली गई। उन्होंने बताया कि खाते में दर्ज मोबाइल नंबर उनका नहीं है और बिना जानकारी के उनके नाम पर लेन-देन किया गया।

मुलाम बाई ने यह भी आरोप लगाया कि उनके खाते में जमा 1 लाख 711 रुपये की राशि होल्ड कर दी गई है। उन्होंने साइबर जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और राशि वापस दिलाने की मांग की।

बेटी की शादी से पहले राशि दिलाने की लगाई गुहार
पिछोर तहसील के ग्राम उमरी खुर्द निवासी रानी तिवारी ने भी जनसुनवाई में अपनी पीड़ा सुनाई। उन्होंने बताया कि उनके दिवंगत पति सतीश कुमार तिवारी द्वारा उपार्जन केंद्र पर बेचे गए गेहूं की राशि किसी अज्ञात व्यक्ति ने फर्जी तरीके से फीनो बैंक में खाता खोलकर निकाल ली।

रानी तिवारी ने प्रशासन को बताया कि उनकी बेटी की शादी निकट है और आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्हें इस राशि की बेहद आवश्यकता है। उन्होंने भावुक अपील करते हुए शादी से पहले राशि वापस दिलाने और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।

कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश

जनसुनवाई में प्राप्त सभी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर अर्पित वर्मा ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को मामलों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। प्रशासन का कहना है कि शिकायतों की जांच के बाद दोषियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जनसुनवाई में सामने आए इन मामलों ने किसानों की उपार्जन राशि की सुरक्षा और बैंकिंग प्रणाली में पारदर्शिता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
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