ग्रामीणों की शिकायत पर प्रशासन का बड़ा एक्शन: 2 क्रेशर सील, खनन और ब्लास्टिंग पर लगाई रोक

Nikk Pandit
0
बंटी शर्मा शिवपुरी:शिवपुरी जिले में ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने अवैध और नियमों के विपरीत संचालित खनन गतिविधियों पर बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी अर्पित वर्मा के निर्देश पर ग्राम अटलपुर और ग्राम थरखेड़ा में संचालित दो क्रेशर प्लांटों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। साथ ही खनन और क्रेशर संचालन पर रोक लगाते हुए संबंधित संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।

यह कार्रवाई सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई और ग्रामीणों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद की गई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि खदानों में हो रही तेज ब्लास्टिंग से उनके कच्चे मकानों में दरारें पड़ रही हैं, खेतों में पत्थर गिर रहे हैं और धूल के कारण खेती व स्वास्थ्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं।

जनसुनवाई की शिकायत बनी कार्रवाई का आधार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हाल ही में हुई जनसुनवाई में ग्राम अटलपुर के ग्रामीणों ने कलेक्टर अर्पित वर्मा के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी कि खदान क्षेत्र में हो रही लगातार ब्लास्टिंग से गांव के मकानों को नुकसान पहुंच रहा है। कई घरों में दरारें आ गई हैं, जबकि खेतों में बड़े पत्थर गिरने से फसल और किसानों की सुरक्षा पर भी खतरा बना हुआ है।

शिकायत को गंभीर मानते हुए कलेक्टर ने तत्काल संयुक्त जांच दल गठित कर मौके पर निरीक्षण के निर्देश दिए।

संयुक्त टीम ने किया निरीक्षण

कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम कोलारस, तहसीलदार बदरवास, खनिज अधिकारी और खनिज निरीक्षक की संयुक्त टीम ग्राम अटलपुर पहुंची। टीम ने वहां संचालित खनिज पत्थर एवं गिट्टी उत्खनन पट्टों तथा क्रेशर इकाइयों का विस्तृत निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान शिकायत में बताए गए तथ्यों का मौके पर सत्यापन किया गया। अधिकारियों ने ग्रामीणों के खेतों और मकानों का भी निरीक्षण किया, जहां ब्लास्टिंग के प्रभाव के संकेत मिले।

मिली गंभीर अनियमितताएं

जांच के दौरान पाया गया कि संबंधित पट्टाधारकों द्वारा स्वीकृत खनन योजना के अनुसार कार्य नहीं किया जा रहा था। इसके अलावा खदान में निर्धारित सीमा से अधिक, यानी 6 मीटर से ज्यादा गहराई तक उत्खनन किया जाना पाया गया, जो मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम 1996 का उल्लंघन है।

अधिकारियों ने इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए मौके पर ही खनन गतिविधियां बंद करा दीं और दोनों क्रेशर प्लांटों को सील कर दिया।

ईटीपी बंद, नोटिस जारी

कार्रवाई के दौरान क्रेशर संचालन पर रोक लगाने के साथ-साथ संबंधित इकाइयों की ईटीपी (पर्यावरणीय संचालन व्यवस्था) भी बंद कराई गई। दोनों संचालकों के खिलाफ मध्यप्रदेश गौण खनिज नियम 1996 के नियम 30(26) और 30(27) के तहत कार्रवाई प्रस्तावित करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार आगे की कठोर कार्रवाई भी की जाएगी।

थरखेड़ा में भी चला प्रशासन का बुलडोजर एक्शन
इसी क्रम में कलेक्टर के निर्देश पर नरवर तहसील के ग्राम थरखेड़ा स्थित कृष्णाआश्रय माइंस एंड मिनरल्स कंपनी का भी निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान पाया गया कि क्रेशर प्लांट के पास एम-सैंड का परिवहन कर रहे डंपर के चालक आवश्यक वैधानिक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। दस्तावेज नहीं मिलने पर वाहन को अवैध परिवहन मानते हुए पुलिस चौकी अमोलपठा की अभिरक्षा में खड़ा कराया गया।

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की शर्तों का भी उल्लंघन

संयुक्त जांच दल को निरीक्षण के दौरान यह भी मिला कि क्रेशर प्लांट में मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की शर्तों का समुचित पालन नहीं किया जा रहा था। धूल उड़ने से आसपास के किसानों की फसलें प्रभावित हो रही थीं और ग्रामीणों को सांस संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।

इन शिकायतों को सही पाए जाने पर प्रशासन ने ग्रामीणों की मौजूदगी में क्रेशर प्लांट का संचालन तत्काल प्रभाव से बंद कराकर उसे भी सील कर दिया।

ग्रामीणों ने जताया संतोष

कार्रवाई के बाद ग्रामीणों ने जिला प्रशासन का आभार जताया। उनका कहना है कि लंबे समय से वे खदानों की ब्लास्टिंग, धूल और भारी वाहनों की आवाजाही से परेशान थे, लेकिन अब प्रशासन ने उनकी शिकायतों को गंभीरता से लेकर प्रभावी कार्रवाई की है।

ग्रामीणों को उम्मीद है कि आगे भी नियमों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा ताकि उन्हें दोबारा ऐसी समस्याओं का सामना न करना पड़े।

अवैध खनन पर सख्त है प्रशासन

कलेक्टर अर्पित वर्मा ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनन, अवैध परिवहन और नियमों के उल्लंघन के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिला टास्क फोर्स लगातार वन, राजस्व, पुलिस, परिवहन और खनिज विभाग के समन्वय से निरीक्षण कर रही है।

प्रशासन का कहना है कि जहां भी नियमों का उल्लंघन मिलेगा, वहां इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। ग्रामीणों की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और कानून का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता है।
Tags

एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें (0)