दो माह से राशन नहीं मिला, ग्रामीणों का हंगामा:फिंगरप्रिंट लेकर राशन रोकने का आरोप, एसडीएम से कार्रवाई की मांग

Nikk Pandit
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बंटी शर्मा शिवपुरी:शिवपुरी जिले के पिछोर अनुविभाग की ग्राम पंचायत ढला में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। गांव के दर्जनों ग्रामीण शनिवार को एकजुट होकर एसडीएम कार्यालय पहुंचे और राशन दुकान के सेल्समैन अखिलेश मिश्रा के खिलाफ लिखित शिकायत सौंपते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले दो महीनों से उन्हें सरकारी राशन नहीं दिया जा रहा, जबकि उनके फिंगरप्रिंट लेकर रिकॉर्ड में प्रक्रिया पूरी करने का दावा किया जा रहा है। मामले को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है और उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे परिवार सहित सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।

ग्रामीणों ने एसडीएम को दिए आवेदन में बताया कि गांव के कई गरीब और पात्र परिवार पिछले दो महीने से राशन के लिए लगातार राशन दुकान के चक्कर काट रहे हैं। हर बार सेल्समैन की ओर से यह कहकर वापस भेज दिया जाता है कि अभी राशन नहीं आया है। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार चक्कर लगाने के बाद भी उन्हें खाद्यान्न नहीं मिला, जिससे उनके सामने परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो गया है।

ग्रामीणों का आरोप है कि जब उन्होंने राशन वितरण में हो रही लापरवाही का विरोध किया और शिकायत करने की बात कही तो सेल्समैन ने कथित रूप से उन्हें धमकाते हुए कहा कि "जहां शिकायत करनी है कर दो, राशन नहीं मिलेगा।" इस व्यवहार से ग्रामीणों में और अधिक आक्रोश फैल गया।

शिकायत में एक और गंभीर आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों के अनुसार शिकायत की भनक लगने के बाद सेल्समैन ने रात के समय कुछ हितग्राहियों को बुलाकर केवाईसी के नाम पर उनके फिंगरप्रिंट लिए, लेकिन इसके बाद भी उन्हें राशन उपलब्ध नहीं कराया गया। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के कई अनपढ़ और गरीब लोगों से भी इसी तरह अंगूठे के निशान लिए गए, जिससे उन्हें संदेह है कि कहीं उनके नाम पर राशन का रिकॉर्ड तो नहीं बनाया गया।

ग्रामीणों ने बताया कि यह पहली बार नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मामले की शिकायत पहले भी प्रशासन से की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि सेल्समैन के स्थानीय प्रभाव के कारण गरीब हितग्राही खुलकर शिकायत करने से डरते हैं। कई लोगों का कहना है कि उन्हें दबाव और डर का माहौल बनाकर चुप रहने के लिए मजबूर किया जाता है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित सेल्समैन को तत्काल हटाकर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली गरीब परिवारों के लिए जीवनरेखा है और यदि उसमें ही अनियमितता होगी तो सबसे अधिक नुकसान जरूरतमंद लोगों को उठाना पड़ेगा।

ग्रामीण रूपेश योगी ने बताया कि गांव के अनेक परिवार पिछले दो महीनों से राशन से वंचित हैं। शिकायत करने के बावजूद अब तक किसी अधिकारी ने उनकी समस्या का समाधान नहीं किया। वहीं ग्रामीण लोकेश लोधी ने आरोप लगाया कि कई हितग्राहियों से केवाईसी के नाम पर फिंगरप्रिंट तो लिए गए, लेकिन उसके बाद भी राशन नहीं दिया गया। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।

ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं की और सभी पात्र हितग्राहियों को राशन उपलब्ध नहीं कराया, तो वे अपने परिवारों के साथ सड़क पर बैठकर आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान यदि किसी प्रकार की स्थिति उत्पन्न होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

अब यह मामला प्रशासन के सामने पहुंच चुका है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनकी शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई होगी और सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए पात्र हितग्राहियों को उनका हक दिलाया जाएगा। फिलहाल पूरे मामले पर प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।
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