बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी शहर में गुटबाजी और गैंग संस्कृति एक बार फिर खुलकर सामने आई है। देहात थाना क्षेत्र में जन्मदिन मनाने जा रहे युवकों पर स्कॉर्पियो सवार चार युवकों ने दिनदहाड़े हमला कर दिया। आरोपियों ने न केवल सरिया और कांटेदार डंडों से बेरहमी से मारपीट की, बल्कि घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर भी वायरल कर दिया। पीड़ितों का आरोप है कि वीडियो वायरल करने का मकसद शहर में अपना दबदबा कायम करना और लोगों में भय का माहौल पैदा करना था।
इस मामले में पुरानी शिवपुरी के कुशवाह मोहल्ला निवासी अंकित कुशवाह (23) ने कोतवाली थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने फरियादी की रिपोर्ट के आधार पर चार आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अंकित कुशवाह ने पुलिस को बताया कि 26 जुलाई की शाम करीब 4:45 बजे वह अपने दोस्तों देवेंद्र कुशवाह, दीपेश कुशवाह, योगेश कुशवाह, राहुल कुशवाह और मोहित कुशवाह के साथ अपने मित्र हिमांशु बाथम का जन्मदिन मनाने के लिए उसे लेने पिपरसमा जा रहा था। सभी दोस्त जन्मदिन की खुशी में एक साथ निकले थे, लेकिन रास्ते में उन पर जानलेवा हमला हो गया।
फरियादी के अनुसार, जब वे गुरुनानक इंटरनेशनल स्कूल के पास पहुंचे, तभी पीछे से बिना नंबर की काले रंग की एक स्कॉर्पियो तेज रफ्तार में आई और उनके सामने आकर रुक गई। स्कॉर्पियो से देवा रावत, अभि धाकड़, प्रिंस रावत और राजवीर गुर्जर नीचे उतरे और पुरानी रंजिश को लेकर गाली-गलौज करने लगे।
अंकित ने जब इसका विरोध किया तो आरोपियों ने हमला बोल दिया। शिकायत के मुताबिक, देवा रावत ने कांटेदार तार लगे डंडे से अंकित के बाएं हाथ पर जोरदार वार किया, जिससे उसे गंभीर चोट आई। इसके बाद राजवीर गुर्जर ने लोहे के सरिए से अंकित के सिर पर हमला कर दिया। सिर पर वार लगते ही खून बहने लगा और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
अपने दोस्त को बचाने के लिए देवेंद्र, दीपेश और योगेश बीच-बचाव करने पहुंचे, लेकिन आरोपियों ने उन्हें भी नहीं छोड़ा। हमले में देवेंद्र की पीठ पर चोटें आईं, दीपेश के हाथ और पीठ पर गंभीर चोट लगी, जबकि योगेश के कंधे, पीठ और कोहनी में चोटें आईं। कुछ ही मिनटों तक चले इस हमले में सभी युवक घायल हो गए।
पीड़ितों का आरोप है कि मारपीट करने के बाद आरोपी जाते-जाते धमकी देकर गए कि यदि पुलिस में शिकायत की तो जान से मार देंगे। इसके बावजूद घायल युवक थाने पहुंचे और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई।
घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि आरोपियों ने मारपीट का वीडियो भी बनाया और बाद में उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। पीड़ित पक्ष का कहना है कि वीडियो वायरल करने का उद्देश्य शहर में गैंग का दबदबा दिखाना और युवाओं में डर का माहौल बनाना था। वीडियो वायरल होने के बाद पूरे शहर में इस घटना की चर्चा शुरू हो गई।
सूचना मिलने पर पुलिस ने घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया और मामले में देवा रावत, अभि धाकड़, प्रिंस रावत और राजवीर गुर्जर के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली। पुलिस अब वायरल वीडियो की भी जांच कर रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। वायरल वीडियो को भी साक्ष्य के रूप में शामिल किया जाएगा। यदि जांच में यह सामने आता है कि आरोपियों ने जानबूझकर दहशत फैलाने या गैंग का प्रभाव दिखाने के उद्देश्य से वीडियो वायरल किया है, तो उसके आधार पर भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
शहर में लगातार सामने आ रही गैंगवार और मारपीट की घटनाओं ने कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह खुलेआम हमला और फिर उसका वीडियो वायरल करना युवाओं में बढ़ती आपराधिक प्रवृत्ति का संकेत है। लोगों ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके।
फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी और शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त निगरानी भी की जा रही है।