बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले के सिंहनिवास गांव में एक बच्ची द्वारा कथित तौर पर "कुत्ता" कहे जाने की बात को लेकर दो पक्षों के बीच शुरू हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। मारपीट में एक ही परिवार के तीन लोग घायल हो गए। पीड़ित पक्ष की महिला सोमवार को मारपीट का वीडियो लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। महिला का आरोप है कि एफआईआर दर्ज होने के बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जबकि आरोपी पक्ष ने खुद को बचाने के लिए झूठा मामला भी दर्ज करा दिया है।
सिंहनिवास गांव निवासी लाली जाटव, पत्नी रविदास जाटव ने पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में बताया कि 24 जुलाई की सुबह करीब 10:30 बजे वह अपने घर के बाहर बर्तन साफ कर रही थीं। उसी दौरान उनकी बड़ी सास नारायणी जाटव वहां पहुंचीं और गुस्से में आरोप लगाया कि लाली की बेटी अवनी जाटव ने उनके बेटे शाहिल को "कुत्ता" कहा है। लाली ने इस बात से साफ इनकार करते हुए कहा कि उनकी बेटी ने ऐसा कोई शब्द नहीं कहा, लेकिन इस बात पर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।
लाली का आरोप है कि कुछ ही देर में विवाद इतना बढ़ गया कि नारायणी जाटव ने गाली-गलौज शुरू कर दी। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो नारायणी जाटव के साथ दीपा जाटव, क्रांति जाटव और बद्री जाटव भी मौके पर आ गए और चारों ने मिलकर उनके साथ मारपीट शुरू कर दी।
पीड़िता के मुताबिक आरोपियों ने उन्हें जमीन पर पटक दिया और लात-घूंसों से बेरहमी से पीटा। इस दौरान उनके हाथ, पीठ, पेट और पैरों पर गंभीर चोटें आईं। हाथ की उंगली में गहरी चोट लगने से खून भी बहने लगा। महिला का कहना है कि उन्होंने बचने की कोशिश की, लेकिन चार लोगों ने मिलकर उन्हें पीटा।
महिला ने बताया कि शोर-शराबा सुनकर उनके ससुर रमेश जाटव बीच-बचाव करने पहुंचे। आरोप है कि इस दौरान आरोपियों ने उनके सिर पर ईंट से हमला कर दिया। ईंट लगने से उनके सिर से काफी खून बहने लगा और वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद जब उनके पति रविदास जाटव बीच-बचाव करने पहुंचे तो आरोपियों ने उनकी छोटी उंगली को जोर से मरोड़ दिया, जिससे उंगली फ्रैक्चर हो गई।
लाली जाटव ने यह भी आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान उनके गले में पहना हुआ सोने का लॉकेट कहीं गिर गया, जो काफी तलाश के बाद भी नहीं मिला। उनका कहना है कि मारपीट के दौरान ही लॉकेट गायब हुआ है।
घटना के बाद घायल परिवार को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। पीड़िता के अनुसार, कोतवाली थाना पुलिस ने मामले में 24 जुलाई 2024 को एफआईआर क्रमांक 0556 दर्ज कर उनका मेडिकल परीक्षण भी कराया। इसके बावजूद आरोपियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे उनका परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।
महिला का आरोप है कि कार्रवाई से बचने के लिए आरोपी पक्ष ने खुद को मामूली चोट पहुंचाकर उनके खिलाफ भी झूठा मामला दर्ज करा दिया है, ताकि पुलिस दोनों पक्षों का मामला बताकर सख्त कार्रवाई से बच सके। उनका कहना है कि उनके पास घटना का वीडियो भी मौजूद है, जिसमें मारपीट की पूरी घटना कैद है।
सोमवार को लाली जाटव वीडियो और आवेदन लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने एसपी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, वीडियो के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और उनके परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने महिला का आवेदन प्राप्त कर जांच का आश्वासन दिया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों, मेडिकल रिपोर्ट और वायरल वीडियो की जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि मामूली कहासुनी और बच्चों के विवाद किस तरह देखते ही देखते हिंसक रूप ले लेते हैं। अब पूरे मामले में पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और दोनों पक्षों के आरोपों में कितनी सच्चाई है।