शिवपुरी में नशे के खिलाफ जागरूकता रथ रवाना, पुलिस का बड़ा अभियान; सवाल भी बरकरार—क्या सिर्फ प्रचार से रुकेगा नशा?

Nikk Pandit
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बंटी शर्मा ECG:खबर शिवपुरी जिले में नशे के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए पुलिस ने जनजागरूकता की दिशा में एक और कदम बढ़ाया है। गुरुवार को पुलिस अधीक्षक श्रीमती यांगचेन डोलकर भूटिया ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय से "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान के तहत जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह प्रचार रथ शहर के विभिन्न बाजारों, प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर पहुंचकर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेगा।

मध्यप्रदेश शासन और पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर 15 जुलाई से 30 जुलाई 2026 तक चलाए जा रहे इस विशेष अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे की लत से बचाना और समाज में जागरूकता बढ़ाना है। शिवपुरी पुलिस का दावा है कि जिले के सभी थानों में लगातार खेल प्रतियोगिताएं, रैलियां, नुक्कड़ सभाएं और जनसंवाद जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। इसलिए पुलिस केवल कानूनी कार्रवाई ही नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक करने पर भी विशेष जोर दे रही है। जागरूकता रथ के माध्यम से लोगों तक यह संदेश पहुंचाया जाएगा कि नशे से दूर रहकर स्वस्थ और सुरक्षित जीवन जिया जा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आर.डी. प्रजापति, कोतवाली थाना प्रभारी रोहित दुबे, रक्षित निरीक्षक अनिल कवरेती सहित अन्य पुलिस अधिकारी और जवान मौजूद रहे।

हालांकि, इस अभियान के बीच कुछ सवाल भी उठ रहे हैं। जिले में पिछले कुछ दिनों में स्मैक और अन्य नशे से जुड़े कई मामले सामने आए हैं। चोरी, मारपीट और अन्य आपराधिक घटनाओं में भी नशे की लत का पहलू सामने आया है। ऐसे में आम लोगों का कहना है कि जागरूकता अभियान सराहनीय है, लेकिन इसके साथ-साथ नशा तस्करों और अवैध कारोबारियों के खिलाफ लगातार और सख्त कार्रवाई भी उतनी ही जरूरी है।

सामाजिक कार्यकर्ताओं का भी मानना है कि केवल प्रचार-प्रसार से नशे की समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होगी। यदि जनजागरूकता के साथ प्रभावी पुलिस कार्रवाई, नशा मुक्ति केंद्रों की उपलब्धता और युवाओं के लिए खेल व रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएं, तभी इस अभियान का वास्तविक उद्देश्य सफल हो सकेगा।

फिलहाल शिवपुरी पुलिस का यह प्रयास सकारात्मक माना जा रहा है। अब देखने वाली बात यह होगी कि "नशे से दूरी है जरूरी 2.0" अभियान केवल जागरूकता तक सीमित रहता है या जिले में नशे के कारोबार और इसके नेटवर्क पर भी प्रभावी अंकुश लगाने में सफल होता है।
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