सागर शर्मा शिवपुरी:नगर पालिका में अध्यक्ष और पार्षदों के बीच चल रहे विवाद को दो माह से अधिक का समय बीत चुका है, परंतु अभी तक समस्या का कोई समाधान निकला है और न ही आपसी सामंजस्य की स्थिती बन सकी है। ऐसे में 15 अगस्त पर शिवपुरी आए प्रभारी मंत्री ने संभवत: अंतिम बार दोनों पक्षों को एक साथ बिठाकर सुलह कराने का प्रयास किया लेकिन विरोध में खड़े हुए भाजपाई पार्षद एक साथ बैठक के लिए राजी नहीं हुए। उन्होंने प्रभारी मंत्री के सामने एक ही बात कही कि वह गायत्री शर्मा को बतौर अध्यक्ष नहीं देखना चाहते हैं। बताया जा रहा है कि जब यह बात अध्यक्ष गायत्री शर्मा को बताई गई तो उन्होंने अपने समर्थक पार्षदों के साथ प्रभारी मंत्री के समक्ष यह दावा पेश किया उनके पास बहुमत है। भाजपा से जुड़े विश्वसनीय सूत्रों का कहना है कि इस पर अंत में दोनों पक्षों से प्रभारी मंत्री ने यही सवाल किया कि क्या इस दर्द की कोई दवा आप लोगों के पास है। दोनों पक्ष जब दर्द की दवा नहीं बता पाए तो प्रभारी मंत्री ने विपक्ष में खड़े पार्षदों को कहा अाप 30 पार्षदों के हस्ताक्षर करवा कर ले आएं। वहीं गायत्री शर्मा को 15 पार्षदों के हस्ताक्षर करवाने के निर्देश दिए गए हैं। सूत्रों का कहना है कि इस तरह से पार्टी अपने स्तर पर दाेनों पक्षों का बहुमत जानकर पार्टी स्तर पर ही निर्णय लेना चाहती है, ताकि अविश्वास प्रस्ताव की आवश्यकता न पड़े। इस आधार पर पार्टी निर्णय लेकर या तो गायत्री को अध्यक्ष बने रहने देगी या फिर गायत्री से इस्तीफा लेकर नए अध्यक्ष का चयन किया जाएगा।
प्रशासनिक स्तर पर भी तैयारी शुरू
वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक स्तर पर भी विवाद काे सुलझाने की दिशा में तैयारी शुरू कर दी गई है। नियमानुसार अविश्वास प्रस्ताव से पहले कलेक्टर को अपना प्रतिवेदन शासन को भेजना होता है। सूत्र बताते हैं कि पिछले दिनों एडीएम से जांच करवाने के बाद कलेक्टर ने अपना प्रतिवेदन शासन को भेज दिया है। पार्षद अविश्वास प्रस्ताव के लिए अावेदन दे चुके हैं। इसके अलावा वर्तमान में नपा में प्रभारी सीएमओ होने के बाबजूद कलेक्टर द्वारा अपने प्रतिनिधि के रूप में सीएमओ का चार्ज नवागंतुक एसडीएम आनंद सिंह राजावत को सौंप दिया है। अगर अविश्वास प्रस्ताव की बैठक बुलाने की आवश्यकता पड़ी तो, उसकी भी तैयारी पूरी तरह से कर ली गई है।
इस्तीफा नहीं, होगा शक्ति परीक्षण
15 अगस्त की सुबह पार्षद सुधीर आर्य के घर पर प्रभारी मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने गायत्री शर्मा से कहा कि अगर आपके पक्ष में आधे पार्षद भी नहीं हैं तो आपको इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने गायत्री से यहां तक कह दिया कि संगठन और सिंधिया जी कहेंगे तो क्या आप इस्तीफा दे देंगी। बताया जा रहा है कि तत्समय तो गायत्री शर्मा ने इस्तीफा मांगने पर देने के लिए सहमती जता दी, लेकिन शाम को उन्होंने इस्तीफा देने से इंकार कर दिया। इस संबंध में जब नईदुनिया ने उनसे बात की तो उनका कहना था कि उनसे इस्तीफा नहीं मांगा गया है। वह शक्ति परीक्षण के लिए तैयार हैं।
कलेक्टर ने भी जारी किया नोटिस
इस पूरे मामले में बताया जा रहा है कि कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी ने पार्षदों द्वारा अविश्वास प्रस्ताव के संबंध में सौंपे गए आवेदन के बाद नपाध्यक्ष गायत्री शर्मा को नोटिस जारी कर, इस संबंध में उनका पक्ष जाना है। हालांकि कलेक्टर से जब इस संंबंध में बात की गई तो उनका कहना था कि पूरा मामला अभी प्रक्रियाधीन है।