हाल ही में, मचाखुर्द गांव के 65 वर्षीय चौथु परिहार का बीमारी के कारण निधन हो गया। गांव में मुक्तिधाम की व्यवस्था न होने के कारण परिजनों और ग्रामीणों को बरसते पानी में ही उनकी अंतिम यात्रा निकालनी पड़ी और अंतिम संस्कार संपन्न करना पड़ा।
ग्रामीणों के अनुसार, मचाखुर्द गांव में वर्षों से कोई मुक्तिधाम नहीं है। हर साल बरसात के मौसम में अंतिम संस्कार के लिए ग्रामीणों को ऐसी ही परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द गांव में मुक्तिधाम के निर्माण की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति से बचा जा सके।