लाखों के टिकट काउंटर बंद, प्रतीक्षालय पर भी जड़ा ताला
यात्रियों की सुविधा के लिए बस स्टैंड पर लाखों रुपए खर्च कर टिकट काउंटर बनाए गए थे, लेकिन उन पर ताले लटके हुए हैं। बस संचालक मनमाने ढंग से बसों में टिकट काट रहे हैं। इतना ही नहीं, यात्रियों के बैठने के लिए बने प्रतीक्षालय हॉल को भी गेट लगाकर बंद कर दिया गया है, जिससे यात्रियों को घंटों तक फर्श पर बैठकर बसों का इंतजार करना पड़ रहा है।
इकलौती प्याऊ में शराब की बोतलें, गंदगी का अंबार
त्योहार के समय जहां साफ-सफाई प्राथमिकता होनी चाहिए, वहीं बस स्टैंड पर गंदगी का ढेर लगा हुआ है।यात्रियों के लिए बनी एकमात्र प्याऊ में शराब की खाली बोतलें पड़ी हैं और चारों ओर गंदगी फैली है। यात्रियों को पीने के लिए पानी तक नसीब नहीं हो रहा है। नगर पालिका हर साल बस स्टैंड से लाखों का ठेका वसूलती है, लेकिन सफाई और रखरखाव की जिम्मेदारी नहीं निभा रही।
RTO के आदेश सिर्फ कागजों में कैद
पिछले महीने ही RTO रंजना कुशवाह ने बस ऑपरेटरों और ट्रैफिक पुलिस की बैठक लेकर बसों में सीसीटीवी लगाने, काउंटर से टिकट देने और बसों को सिर्फ ग्वालियर व गुना बायपास पर ही रोकने के सख्त निर्देश दिए थे। बीच रास्ते बसें रोकने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी। लेकिन दिवाली की भीड़ में ये सभी आदेश सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गए हैं।
रेप कांड के बाद भी नहीं सुधरे हालात
कुछ महीने पहले इसी बस स्टैंड पर 5 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना हुई थी। तब प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ाने, सौंदर्याकरण करने और सीसीटीवी लगाने के बड़े-बड़े वादे किए थे। लेकिन आज भी हालात जस के तस हैं - न सुरक्षा है, न निगरानी और न ही सफाई।
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