पुलिस ने घटना के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों किशोरों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। यह प्रकरण किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां सुनवाई के बाद तीनों को दोषी पाया गया।
पीड़िता को एक लाख रुपए देने के आदेश प्रधान मजिस्ट्रेट ने पीड़िता के राहत और पुनर्वास के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार एक लाख रुपए की प्रतिकार राशि भी स्वीकृत की है। इस प्रतिकार राशि को दिलाने के लिए आदेश की प्रतिलिपि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजी गई है।
गौरतलब है कि इसी मामले में शामिल एक चौथे बालिग आरोपी को विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) द्वारा पहले ही आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है।