सागर शर्मा शिवपुरी: खबर शिवपुरी के मुक्तिधाम में दो बेटियों ने अपने पिता को मुखाग्नि देकर समाज की पुरानी परंपरा को तोड़ दिया। यह घटना सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में रही।
कानपुर (उत्तर प्रदेश) के 60 वर्षीय राजीव रायजादा, जो मुंबई में ठेकेदार थे, का 30 अक्टूबर को कोकिलाबेन अस्पताल में निधन हो गया था। राजीव की बड़ी बेटी अमृता सक्सेना शिवपुरी में रहती हैं, जबकि छोटी बेटी सौम्या मुंबई में पिता के साथ रहती थीं।
बेटी करने वाली थी लीवर डोनेट
राजीव रायजादा की लीवर की बीमारी के कारण ट्रांसप्लांट की तैयारी चल रही थी। बड़ी बेटी अमृता अपने पिता को लीवर दान करने को तैयार थीं, लेकिन इलाज के दौरान ही पिता का निधन हो गया। शनिवार को उनका शव शिवपुरी लाया गया।
अंतिम संस्कार के समय रिश्तेदारों ने परंपरा के अनुसार कहा कि मुखाग्नि दामाद या भतीजे को देनी चाहिए। लेकिन परिवार के प्रवीण चित्रांश ने कहा कि जब बेटियों ने पिता की बीमारी में हर पल साथ दिया और अंगदान तक के लिए तैयार रहीं, तो अंतिम संस्कार का हक भी उन्हीं का है।
इसके बाद दोनों बेटियों ने समाज की पुरानी सोच को पीछे छोड़कर अपने पिता को मुखाग्नि दी। लोगों ने उनके साहस और प्रेम की खूब प्रशंसा की।