ग्रामीणों ने घेरा थाना वन विभाग पर कार्रवाई की मांग,पुजारी से अभद्रता का आरोप,जांच के आश्वासन पर प्रदर्शन खत्म

Nikk Pandit
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सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले के सतनवाड़ा थाना क्षेत्र में गुरुवार को झिरना मंदिर के पुजारी से कथित अभद्रता के विरोध में ग्रामीणों ने थाने का घेराव किया। गुर्जर समाज सहित दो सौ से अधिक लोग पुजारी के समर्थन में पहुंचे और वन विभाग के अमले पर कार्रवाई के साथ ही पकड़े गए डंपर को छोड़ने की मांग की।

यह विवाद तीन दिन पहले तब शुरू हुआ जब वन विभाग की टीम ने झिरना मंदिर पर रेत डालने पहुंचे एक डंपर को पकड़ा। आरोप है कि डंपर वन क्षेत्र से अवैध उत्खनन कर रेत लाया गया था। इस कार्रवाई के दौरान मंदिर के पुजारी बाल किशनदास महाराज और वनकर्मियों के बीच बहसबाजी हो गई, जिसके बाद मामला गरमा गया।

गुरुवार को पुजारी समर्थकों ने सतनवाड़ा थाने पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने रेंजर माधव सिंह सिकरवार सहित वन टीम के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मंदिर में चल रहे निर्माण कार्य के लिए रेत मंगाई गई थी, लेकिन जानबूझकर केवल मंदिर के डंपर को पकड़ा गया, जबकि अन्य अवैध वाहन खुलेआम चल रहे हैं।

करीब दो घंटे तक चले इस प्रदर्शन के दौरान पूर्व मंत्री सुरेश राठखेड़ा भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों का समर्थन किया। सूचना मिलते ही एसडीओपी संजय चतुर्वेदी थाने पहुंचे। उन्होंने सभी पक्षों से चर्चा कर निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया, जिसके बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए।

इस पूरे प्रकरण को लेकर यह भी चर्चा है कि झिरना मंदिर पर नवंबर के अंतिम सप्ताह में एक बड़ा महायज्ञ प्रस्तावित है। पार्क प्रबंधन द्वारा मंदिर को माधव टाइगर रिजर्व क्षेत्र में आने के कारण खाली करने के नोटिस जारी किए गए हैं। माना जा रहा है कि इसी पृष्ठभूमि में यह विरोध तेज हुआ है।

एसडीओपी शिवपुरी संजय चतुर्वेदी ने इस संबंध में बताया, "मामले की जांच की जा रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।"

सतनवाड़ा रेंजर माधव सिंह सिकरवार ने बताया

" डंपर वन क्षेत्र से अवैध रेत लाते पकड़ा गया था। पुजारी से किसी प्रकार की अभद्रता नहीं हुई है। मंदिर रिजर्व क्षेत्र में होने के कारण यह विवाद उत्पन्न हुआ। ''
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