जानकारी के मुताबिक, सिद्धेश्वर मेला ग्राउंड में चल रहे दीपावली मेले की अनुमति ठेकेदार भागचंद शिवहरे को एसडीएम कार्यालय शिवपुरी द्वारा 5 अक्टूबर से 13 नवंबर तक के लिए 15 लाख रुपए में दी गई थी। लेकिन ठेकेदार द्वारा अब तक केवल 5 लाख रुपए ही जमा किए गए थे, जबकि 10 लाख रुपए बाकी थे। बकाया राशि जमा न करने पर प्रशासन ने मेला बंद करवा दिया। सवाल यह भी उठ रहे हैं कि नगरीय प्रशासन ने बिना पूरा भुगतान लिए ही मेले की अनुमति कैसे दे दी।
गेट बंद होने से विदेशी सैलानियों को भी लौटना पड़ा।
दुकानदार और झूला संचालक परेशान
मेले में करीब 100 दुकानें और आधा दर्जन झूले लगे हुए हैं। दुकान संचालकों ने ठेकेदार पर ठगी का आरोप लगाते हुए बताया कि उनसे एडवांस राशि पहले ही ली जा चुकी है। बिक्की सोनी ने बताया कि उनकी 9 दुकानें लगी हैं, जबकि रिहान ने कहा कि उन्होंने 10 दुकानें लगाई हैं।
दोनों ने बताया कि एडवांस देने के बाद भी ठेकेदार रोजाना 400 से 500 रुपए वसूलता है। झूला संचालक अनिल ने बताया कि ठेकेदार ने उन्हें झूठे वादे कर बुलाया और लाखों रुपए ऐंठ लिए, अब मेला बंद होने से भारी नुकसान हो रहा है।
शनिवार रात भी हुआ था विवाद
शनिवार रात मेले में दो पक्षों के बीच जमकर झगड़ा हुआ था, जिसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। बताया जा रहा है कि मेले में न तो फायर ब्रिगेड मौजूद रहती है और न ही पुलिस बल की पर्याप्त तैनाती होती है।
सिद्धेश्वर मेला ग्राउंड में हंगामा
इस मामले में ठेकेदार भागचंद शिवहरे के भाई आकाश शिवहरे ने कहा कि "आपसी विवाद के चलते मामला बिगड़ गया था, अब मेला फिर से शुरू कर दिया गया है।" वहीं, प्रशासनिक जिम्मेदारी को लेकर जब एसडीएम आनंद सिंह राजावत से बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।