सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले के करैरा विधानसभा मुख्यालय स्थित चंगेर पहाड़िया क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। आजादी के 75 साल बाद भी, इस इलाके के लगभग 150 परिवार पीने और दैनिक उपयोग के लिए 10-12 फीट गहरे गड्ढे के मटमैले पानी पर निर्भर हैं। स्थानीय निवासियों की कई शिकायतों के बावजूद, अब तक पानी की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की गई है।
गड्ढे में गिरने से जान का खतरा भी
स्थानीय निवासी रानी देवी ने बताया कि उनकी शादी को 15 साल हो गए हैं और इन सभी वर्षों में उन्हें इसी गड्ढे से पानी भरना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि गर्मियों में कुछ महीनों के लिए पानी सूख जाता है, लेकिन शेष वर्ष परिवार इसी गड्ढे के पानी का उपयोग करता है। पानी भरने के दौरान जान का खतरा भी बना रहता है। रानी देवी के अनुसार, एक बार उनकी जेठानी पानी भरते समय गड्ढे में गिर गई थीं, जिन्हें बड़ी मुश्किल से बचाया जा सका था।
पिछले 20 वर्षों से क्षेत्र में रह रहे अमर सिंह जाटव ने बताया कि कुछ परिवार पैसे खर्च कर पानी के टैंकर मंगवा लेते हैं, लेकिन अधिकांश मजदूर वर्ग के परिवार ऐसा नहीं कर पाते। उन्होंने कहा कि वे सालों से क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से बोरवेल और हैंडपंप की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई है।
प्रशासन से कई बार कर चुके हैंडपंप की मांग
रहवासियों के अनुसार, कई बार बच्चे और महिलाएं इस गहरे गड्ढे में गिरकर घायल हो चुके हैं। इसके बावजूद, पानी की व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं आया है। लोगों का आरोप है कि नगर परिषद और जनप्रतिनिधियों की अनदेखी के कारण उन्हें जान जोखिम में डालकर दूषित पानी का उपयोग करने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
इस मामले पर नगर परिषद करैरा के सीएमओ गोपाल सिंघल ने बताया कि इस क्षेत्र में ज्यादातर परिवार अतिक्रमण कर रह रहे हैं। हालांकि, उन्होंने आश्वासन दिया कि वे मौके का मुआयना कर बेहतर विकल्प निकालने का प्रयास करेंगे, जिससे रहवासियों को इस समस्या से निजात मिल सके।