जानकारी के अनुसार, गुरुवार दोपहर ऊषा लोधी अपने घर पर अकेली थीं। उनके पति राजकुमार लोधी खेत पर काम करने गए थे और दोनों बच्चे स्कूल में थे। इसी दौरान ऊषा ने गेहूं में रखने वाली जहरीली दवा का सेवन कर लिया, जिससे उनकी हालत बिगड़ गई।
जब पति राजकुमार घर लौटे, तो ऊषा उन्हें बेसुध अवस्था में मिलीं। उन्हें तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।
राजकुमार लोधी ने बताया कि उनकी पत्नी लगभग सात वर्षों से बीमार चल रही थीं। बीमारी के कारण उनका शरीर सुन्न पड़ जाता था और उनका लगातार इलाज भी चल रहा था। उन्होंने आशंका जताई कि लंबे समय से बीमारी से परेशान होकर ही ऊषा ने यह कदम उठाया।
इधर, महिला की मौत को संदिग्ध मानते हुए जिला अस्पताल चौकी पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमॉर्टम कराया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।