शिवपुरी में इस माह अबतक डॉग बाइट के 250 केस: दिसंबर में 419 मामले, जनवरी में बिल्लियों के काटने के मामले भी बढ़े

Nikk Pandit
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शिवपुरी जिले में कुत्तों के काटने की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। इनमें सिर्फ स्ट्रीट डॉग ही नहीं, बल्कि घरों में पाले गए कुत्ते और बिल्लियां भी शामिल हैं। जिला अस्पताल में रोजाना औसतन 50 लोग डॉग बाइट के इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं, जिनमें बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल हैं।

दिसंबर में 419 नए मामले

जिला अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार दिसंबर माह में डॉग बाइट के 419 नए मामले दर्ज किए गए। यानी हर दिन औसतन 14 मरीज सरकारी अस्पताल पहुंचे। यह आंकड़ा सिर्फ जिला अस्पताल का है, जबकि बड़ी संख्या में लोग निजी अस्पतालों में भी इलाज कराते हैं, जिनका कोई आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है।

बिल्लियों, बंदरों और जंगली जानवरों के हमले भी सामने आए

दिसंबर माह में बिल्लियों के काटने के 39 मामले दर्ज किए गए, जिनमें अधिकांश पालतू बिल्लियों से जुड़े थे। इसके अलावा बंदरों के काटने के 8 और जंगली जानवरों के हमले के 10 मामले भी सामने आए। इनमें सतनबाड़ा थाना क्षेत्र के डोंगर गांव निवासी बुजुर्ग शिवलाल बघेल पर मादा टाइगर के हमले का मामला भी शामिल है।

जनवरी में भी हालात नहीं सुधरे

जनवरी माह में भी डॉग बाइट के मामलों में कमी नहीं आई है। महीने के शुरुआती 17 दिनों में ही 250 से अधिक नए मामले सामने आ चुके हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है।

डॉक्टरों की सलाह: काटने को हल्के में न लें

जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि कुत्ते, बिल्ली या किसी भी जानवर के काटने को हल्के में न लें। काटने के तुरंत बाद घाव को साबुन और साफ पानी से 10 से 15 मिनट तक धोएं। किसी भी तरह के घरेलू नुस्खे न अपनाएं और तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचकर एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाएं।

डॉक्टरों ने पालतू जानवरों का समय पर टीकाकरण कराने पर भी जोर दिया है। उनका कहना है कि रेबीज एक जानलेवा बीमारी है, लेकिन समय पर सही इलाज और सावधानी बरतने से इससे पूरी तरह बचाव संभव है।
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