ब्राह्मण समाज के साथ पक्षपातपूर्ण कार्यवाही बन्द करें सरकार - कैप्टन चन्द्र प्रकाश शर्मा

Nikk Pandit
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सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी म प्र - अखंड ब्राह्मण सेवा समिति भारतवर्ष ने ज्ञापन के माध्यम से प्रदेश की वर्तमान कानून व्यवस्था और ब्राह्मण समाज के प्रति शासन - प्रशासन के भेदभावपूर्ण रवैया की कड़ी आलोचना की है। प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर महोदय के माध्यम से ज्ञापन में सरकार द्वारा पक्षपात पूर्ण रवैया को बिंदुवार बताया गया है।

समानता का अधिकार का उल्लंघन - भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 और 15 देश के हर नागरिक को समानता का अधिकार देते हैं। किंतु मध्य प्रदेश में प्रशासन तुष्टिकरण की नीति अपनाकर भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी संतोष वर्मा एवं भीम आर्मी के तथा कथित पदाधिकारी द्वारा मनुस्मृति जलाने वाले समूह को मौन संरक्षण दे रहा है। जबकि दूसरी ओर ग्वालियर हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट अनिल मिश्रा पर तुरंत दंडात्मक कार्रवाई कर रहा है। धार्मिक आस्था पर प्रहार - मनुस्मृति का सार्वजनिक दहन भारतीय दंड संहिता की उन धाराओं के अंतर्गत आता है जो धार्मिक भावनाओं को भड़काने और समाज में विद्वेष फैलाने से संबंधित है।

इन पर कार्रवाई न करना कानून के शासन की विफलता है।एससी /एसटी एक्ट का दुरुपयोग - ज्ञापन के माध्यम से यह स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई पक्ष सार्वजनिक रूप से हिंदू धर्म का त्याग कर बौद्ध धर्म स्वीकार कर चुका है तो उन पर जाति आधारित संरक्षण एस्ट्रो सिटीज एक्ट का लागू होना कानूनी रूप से विरोधाभासी है । इस कानून का प्रयोग केवल प्रताड़ना के अधिकार के रूप में किया जा रहा है है।

प्रशासनिक मर्यादा का हनन -

भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी संतोष वर्मा जैसे जिम्मेदार पदों पर बैठे व्यक्तियों द्वारा ब्राह्मण की बेटियों के बारे में की गई आपत्तिजनक टिप्पणियां लोक सेवक की गरिमा के विरुद्ध हैं, फिर भी शासन द्वारा उन पर कार्रवाई न करना उसकी मौन स्वीकृत को दर्शाता है।अखंड ब्राह्मण सेवा समिति भारतवर्ष मांग करती है कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी संतोष वर्मा को तत्काल शासकीय सेवा से बर्खास्त किया जाए। और उन पर कानूनी कार्रवाई की जाए।

न्यायिक रिहाई - एडवोकेट अनिल मिश्रा को तत्काल रिहा किया जाए, उनके ऊपर लगाए गए निराधार आरोप को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। कठोर दंडात्मक कार्रवाई - मनुस्मृति जलाने वाले अराजक तत्वों पर धार्मिक उन्माद फैलाने के आरोप में तत्काल प्राथमिकी (FIR ) दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए।पक्षपात रहित जांच - राज्य सरकार को निर्देशित किया जाए कि प्रशासन एक पक्षी आधार पर कार्यवाही करने के बजाय साक्ष्य के आधार पर निष्पक्ष कार्य करें। हमारी सनातन संस्कृति को, हमारे देवी देवताओं को अपमानित किया जाता है। मनुस्मृति को सरेआम जलाया जाता है। और उसका विरोध करने वाले को गिरफ्तार किया जाता है।

अखंड ब्राह्मण सेवा समिति भारतवर्ष माननीय प्रधानमंत्री महोदय भारत सरकार से विनम्र आग्रह करती है कि राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने वाले सवर्ण , ब्राह्मण समाज आज स्वयं को उपेक्षित और प्रताड़ित महसूस कर रहा है। वैसे ही सवर्ण समाज आरक्षण की मार झेल रहा है। यदि इन मांगों पर विचार नहीं किया गया तो समाज लोकतांत्रिक तरीके से प्रदेश एवं राष्ट्रव्यापी आंदोलन हेतु विवस होगा।

शांति भंग होने या आगामी राजनीतिक परिणामों की पूर्ण जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।इस अवसर पर जिला अध्यक्ष पंडित चन्द्र प्रकाश शर्मा, संभागीय सचिव पंडित बालमुकुंद पुरोहित, महासचिव पंडित दिनेश चन्द्र शर्मा, सलाहकार पंडित कैलाश नारायण मुद्गल, सचिव पंडित रामसेवक गौड, पंडित हरि बल्लभ शर्मा, अमर सिंह रावत, पंडित विकास शर्मा उपस्थित रहे।
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