जानकारी के अनुसार, बीलारा गांव निवासी हरिशंकर यादव अपने बेटे रामवतार यादव के साथ शिवपुरी आए थे। वे अपनी नातिन देवयानी का इलाज कराने जा रहे थे। इसी दौरान पोलो ग्राउंड के पास चार युवकों ने उनकी बाइक रोक ली।
युवकों ने खुद को हीरो बाइक एजेंसी का कर्मचारी बताया और फाइनेंस की किस्त जमा न होने का हवाला देते हुए बाइक जबरदस्ती अपने साथ ले गए। हरिशंकर यादव ने विरोध किया, लेकिन आरोपी नहीं माने और बाइक लेकर फरार हो गए।
कई बार एजेंसी के चक्कर काट चुके
पीड़ित हरिशंकर यादव ने बताया कि उन्होंने करीब चार साल पहले हीरो कंपनी की बाइक फाइनेंस कराई थी। उन्होंने इसकी 24 किस्तें समय पर जमा कर दी हैं और उनके पास सभी रसीदें भी मौजूद हैं। इसके बावजूद, उन्हें आज तक बाइक की एनओसी नहीं मिली है, जिसके लिए वे कई बार एजेंसी के चक्कर काट चुके हैं।
ग्रामीण ने बताया कि बाइक छीनने वाले चार लोगों में से एक ने अपना नाम रितेश रावत बताया था और सभी खुद को हीरो बाइक एजेंसी का कर्मचारी बता रहे थे। हरिशंकर यादव ने पुलिस अधीक्षक से अपनी बाइक वापस दिलाने और जबरन बाइक छीनने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
फिलहाल, मामले की शिकायत एसपी कार्यालय में दर्ज कर ली गई है और पुलिस द्वारा इसकी जांच की जा रही है।