सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करैरा के वार्ड बॉय सतीश भगौरिया ने पुलिस को बताया कि शुक्रवार को दोपहर करीब 1 बजे वह ड्यूटी पर थे। इसी दौरान ग्राम रमगढ़ा के कुछ लोगों को पुलिस मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल लेकर आई थी। अस्पताल परिसर में पहुंचते ही दोनों पक्षों के लोग आपस में भिड़ गए।
आरोप है कि आरोपियों ने एक-दूसरे के साथ मारपीट की और अपशब्दों का प्रयोग किया। इससे अस्पताल में मौजूद मरीजों और स्टाफ को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मारपीट के दौरान आरोपियों ने अस्पताल की कुर्सियों को उठाकर एक-दूसरे पर फेंका, जिससे शासकीय संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा।
15 लोगों को आरोपी बनाया गया था
इस घटना का एक वीडियो वायरल हो गया था। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस और स्वास्थ्य विभाग पर कार्रवाई का दबाव बढ़ा, जिसके परिणामस्वरूप शनिवार को इस मामले में अलग से एफआईआर दर्ज की गई।
पुलिस ने हरिचरण गुर्जर, रामवतार गुर्जर, रामवरन गुर्जर, निहाल गुर्जर, जितेन्द्र गुर्जर, भरत गुर्जर, राजकुमार गुर्जर, हटे सिंह गुर्जर, मेहताब सिंह गुर्जर, राजेन्द्र गुर्जर, जयेन्दर गुर्जर, विकाश गुर्जर और भूपेन्द्र गुर्जर के खिलाफ धारा 324 (4), 191(2), 296 बीएनएस और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है।
गौरतलब है कि इससे पहले शुक्रवार को खेत पर कब्जे को लेकर हुई मारपीट के मामले में दोनों पक्षों के खिलाफ क्रॉस केस दर्ज किए गए थे। उस मामले में कुल 15 लोगों को आरोपी बनाया गया था, जिनमें से 6 को जेल भेजा जा चुका है। अस्पताल में हुई घटना को लेकर यह अलग से एफआईआर दर्ज की गई है।