ढाई लाख रुपए खर्च कर खरीदा गया ई-रिक्शा दो महीने में ही खराब हो गया। चार महीने तक एजेंसी के चक्कर लगाने के बाद भी मरम्मत से इनकार कर दिया गया, तो एक महिला का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा।
शिवपुरी में शुक्रवार को पीड़ित महिला ने एजेंसी के सामने अपने ही ई-रिक्शा में पेट्रोल डालकर आग लगा दी। मेहनत की कमाई डूबने और रोजगार छिनने की बेबसी ने उसे यह कठोर कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।
एजेंसी के सामने ही आ लगाई
दरअसल, कोतवाली थाना क्षेत्र में एक महिला ने ई-रिक्शा में पेट्रोल डालकर आग लगा दी। यह घटना होटल पीएस के पास स्थित मां पीतांबरा ऑटो मोबाइल्स एजेंसी के सामने हुई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और महिला तथा ई-रिक्शा को थाने ले गई, जहां शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
फक्कड़ कॉलोनी निवासी गुड़िया माहौर ने बताया कि उनके तीन बच्चे हैं। वह और उनके पति नारायण माहौर मजदूरी करते थे। उन्होंने करीब छह महीने पहले 2 लाख 30 हजार रुपए में एक ई-रिक्शा खरीदा था, जिसे फाइनेंस कराया गया था। उनका उद्देश्य बच्चों की परवरिश के साथ अतिरिक्त आय अर्जित करना और दैनिक मजदूरी से बचना था।
एजेंसी ने मरम्मत से इनकार कर दिया था
गुड़िया के अनुसार, ई-रिक्शा खरीदने के बाद दो महीने भी ठीक से नहीं चला। पिछले चार महीनों से वह लगातार एजेंसी के चक्कर लगा रही थीं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया। इस अवधि में ई-रिक्शा घर पर ही खड़ा रहा और उन्हें दोबारा मजदूरी पर जाना पड़ा।
महिला ने आरोप लगाया कि एजेंसी ने ई-रिक्शा की मरम्मत से साफ इनकार कर दिया। इसी से परेशान होकर उन्होंने यह कदम उठाया और एजेंसी के सामने अपने ई-रिक्शा में आग लगा दी।
गुड़िया माहौर ने मांग की है कि एजेंसी या तो उनके ई-रिक्शा को पूरी तरह ठीक करे, या उन्हें नया ई-रिक्शा उपलब्ध कराए। यदि ऐसा संभव न हो तो अब तक जमा की गई पूरी रकम वापस दिलाई जाए।
मैनेजर बोले- कंपनी नई बैटरी उपलब्ध नहीं कराती वहीं, एजेंसी के मैनेजर शुभम शर्मा ने इस मामले पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि ई-रिक्शा की बैटरी फट चुकी है, जिसे बदला नहीं जा सकता। मैनेजर के अनुसार, महिला को नई बैटरी डलवाने के लिए कहा गया था, लेकिन वह इसके लिए तैयार नहीं हैं। कंपनी बैटरी फटने की स्थिति में नई बैटरी उपलब्ध नहीं कराती है।
फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं।