शिवपुरी: पढ़ाई करने वाले बच्चों की जिंदगी पर टिकी पुलिस की कार्रवाई, मां ने एसपी ऑफिस में न्याय की गुहार लगाई

Nikk Pandit
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सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले में बीते शुक्रवार को झांसी तिराहे पर हुई सड़क दुर्घटना ने अब गंभीर मोड़ ले लिया है। देहात थाना पुलिस ने 19 साल से कम उम्र के दो छात्रों, दिव्यम सैनी और आशुतोष लोधी, पर रंगदारी का मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया। बच्चों की मां ने एसपी ऑफिस में अपने बच्चों के पक्ष में अपील करते हुए मामले की गलत तरीके से दर्ज एफआईआर और पुलिस की कथित अभद्रता पर नाराजगी जताई।

मां का कहना है कि घटना केवल कार और स्कूटर की टक्कर का विवाद था। शुक्रवार रात उपेंद्र यादव, जो बजरंग दल के जिला संयोजक हैं, की कार और दिव्यम सैनी तथा अमित लोधी का ओला स्कूटर आपस में टकरा गया। टक्कर के बाद स्कूटर गिर गया और इस पर उपेंद्र और बच्चों के बीच झगड़ा हुआ। परिवार का आरोप है कि उपेंद्र ने बेसबॉल डंडा निकालकर बच्चों को मारा और अपनी कार के कांच तोड़े।

बच्चों की मां ने बताया कि पुलिस ने इस साधारण दुर्घटना को रंगदारी के मामले में बदल दिया, और बच्चों को थाने में ही धमकाया। उनका कहना है कि पुलिस ने लाठियाँ निकालकर परिवार को डराया और किसी की भी बात नहीं सुनी। एसडीओपी शिवपुरी कथित तौर पर राजनीतिक प्रभाव में आकर वापस चले गए, जिससे बच्चों और परिजनों का न्याय नहीं हुआ।

दिव्यम सैनी बीए की पढ़ाई कर रहा है और आईटीआई की तैयारी में लगा है, जबकि आशुतोष लोधी बीटेक के छात्र हैं। परिवार ने बताया कि इस झूठी एफआईआर से बच्चों का कैरियर प्रभावित हुआ है और भविष्य पर दाग लग गया है।

मां ने एसपी शिवपुरी से थाने के सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग की है, ताकि यह पता चल सके कि पुलिस रक्षक है या भक्षक। उनका कहना है कि पूरा दृश्य कैमरों में कैद है और इससे पुलिस की कार्यप्रणाली स्पष्ट हो जाएगी।
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