सागर शर्मा शिवपुरी:शिवपुरी जिले के तेन्दुआ थाना क्षेत्र के ग्राम खरई में सरकारी पशु चिकित्सा व्यवस्था की पोल खोलने वाला चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक पशुपालक ने आरोप लगाया है कि इलाज के दौरान उसकी भैंस की पूंछ काट दी गई, जिससे अत्यधिक खून बहने के कारण उसकी हालत गंभीर हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम खरई निवासी 39 वर्षीय संतोष धाकड़ ने अपनी भैंस की पूंछ में बीमारी होने पर गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे 1962 पशु चिकित्सा सेवा पर कॉल कर सरकारी वाहन बुलाया था।
मौके पर पहुंचे पशु चिकित्सक मीणा और गांव में पदस्थ डॉ. डी. एस. कुशवाह पर आरोप है कि उन्होंने इलाज के दौरान भैंस की पूंछ को कुल्हाड़ी से काट दिया और बिना उचित उपचार के सिर्फ पट्टी बांधकर मौके से चले गए।
पट्टी खुलते ही बहा खून, बिगड़ी हालत कुछ ही देर बाद जब भैंस ने पूंछ हिलाई तो पट्टी खुल गई और तेज खून बहने लगा। लगातार खून बहने से भैंस की हालत गंभीर हो गई और उसकी जान पर खतरा मंडराने लगा।
दोबारा बुलाने पर भी नहीं आए डॉक्टर
पीड़ित संतोष धाकड़ का आरोप है कि जब उन्होंने डॉक्टरों को दोबारा बुलाया तो उन्होंने आने से साफ इनकार कर दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने यह तक कह दिया कि "हम ऐसा ही इलाज करते हैं।"
आर्थिक नुकसान, पशु की जान खतरे में संतोष धाकड़ ने बताया कि इस घटना से उसे भारी आर्थिक नुकसान हुआ है और उसकी भैंस की जान पर संकट बना हुआ है।
थाने में शिकायत, कार्रवाई की मांग
पीड़ित ने तेन्दुआ थाना में लिखित आवेदन देकर मांग की है कि उसकी भैंस का सही इलाज कराoया जाए और लापरवाही बरतने वाले पशु चिकित्सक मीणा एवं डॉ. डी. एस. कुशवाह के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
डॉक्टर से संपर्क नहीं हो पाया
इस मामले में जब डॉ. डी. एस. कुशवाह से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनके परिजनों ने बताया कि वे मोबाइल घर पर छोड़कर कहीं बाहर गए हैं।
बड़ा सवाल - क्या सरकारी सेवाओं में ऐसी लापरवाही पर कार्रवाई होगी या फिर सिस्टम ऐसे ही चलता रहेगा?