सागर शर्मा शिवपुरीECG:खबर शिवपुरी जिले के देहात थाना क्षेत्र में पुलिस की कार्यशैली को लेकर लगातार गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, जहां हाल ही में सामने आए दो मामलों ने पूरे मामले को और ज्यादा तूल दे दिया है।
पहले मामले में 17 मार्च 2026 को ब्रजमोहन राठौर और उनकी पत्नी ने थाना प्रभारी पर आरोप लगाते हुए बताया कि उन्होंने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई थी
लेकिन बाद में उन्हें थाने बुलाकर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया गया और ऐसा न करने पर झूठे केस में फंसाने की धमकी दी गई।
वहीं दूसरा मामला झांसी तिराहा क्षेत्र से जुड़ा है
जहां एक सामान्य वाहन टकराव के विवाद को रंगदारी जैसे गंभीर मामले में बदलते हुए दो छात्रों दिव्यम सैनी (BA) और आशुतोष लोधी (B.Tech) पर केस दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया। छात्रों की मां ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर आरोप लगाया कि यह केवल मामूली विवाद था
लेकिन राजनीतिक दबाव में झूठा मामला बनाया गया,
बच्चों को थाने में धमकाया गया और डराने के लिए लाठियां तक निकाली गईं, साथ ही उन्होंने मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए सीसीटीवी फुटेज जांच की मांग की है।
दोनों मामलों में पीड़ित पक्ष का कहना है कि देहात थाना पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय दबाव की नीति अपना रही है
जिससे आम जनता में भय और आक्रोश का माहौल बन रहा है। हैरानी की बात यह है कि पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक शिकायत पहुंचने के बावजूद अब तक किसी ठोस जांच या कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है
जिससे यह सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर देहात थाना पुलिस पर किसका संरक्षण है और क्यों लगातार उठ रही शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा!
अगर समय रहते निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो यह मामला और बड़ा रूप ले सकता है तथा पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल और गहराते जाएंगे।