सिरसौद में मामूली बात पर बवाल! बाइक हटाने को लेकर खूनी संघर्ष, पिता समेत 4 पर लाठी बरसाई

Nikk Pandit
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सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले के सिरसौद थाना क्षेत्र के खौरघार गांव में एक मामूली विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। ट्रैक्टर निकालने के लिए बाइक हटाने की बात पर शुरू हुआ झगड़ा इतना बढ़ा कि आरोपियों ने घर पहुंचकर एक परिवार पर हमला कर दिया। इस हमले में पिता और उसके तीन बेटे बुरी तरह घायल हो गए, जिनका जिला अस्पताल में इलाज जारी है। 😳

घटना 11 अप्रैल से शुरू हुई, जब रूपेश जाटव और गिर्राज रावत के बीच बाइक हटाने को लेकर कहासुनी हुई थी। उस समय मामला शांत हो गया था, लेकिन शनिवार शाम करीब 5:30 बजे पुरानी रंजिश को लेकर आरोपियों ने हमला बोल दिया। कारे रावत, सुघर सिंह रावत और जय सिंह रावत लाठियां लेकर पहुंचे और गाली-गलौज शुरू कर दी। देखते ही देखते हल्के रावत और गिर्राज रावत भी मौके पर आ गए और सभी ने मिलकर हमला कर दिया। 🔥

⚡ घर के बाहर बैठे परिवार पर टूटा कहर

पीड़ित ओमप्रकाश जाटव के अनुसार, आरोपियों ने जातिसूचक गालियां देते हुए लाठियों से ताबड़तोड़ वार किए। ओमप्रकाश के हाथ में गंभीर चोट आई, वहीं बचाव करने आए उनके भाई मस्तराम जाटव, बाईसराम जाटव और पिता बादाम जाटव को भी बेरहमी से पीटा गया। पूरे परिवार के शरीर पर चोट के निशान हैं—क्या यही गांव की “सुरक्षा” है? 🤔

⚠️ ग्रामीणों ने बचाया, अस्पताल पहुंचाए घायल

घटना के दौरान ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर किसी तरह हमलावरों से पीड़ितों को छुड़ाया। सभी घायलों को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि हमला कितना खतरनाक था।

👮 पुलिस एक्शन में… लेकिन क्या पर्याप्त?

सिरसौद थाना पुलिस ने ओमप्रकाश जाटव की शिकायत पर 6 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।

❗ अब उठते बड़े सवाल:

क्या छोटी-छोटी बातों पर गांवों में कानून का डर खत्म हो चुका है?
क्या जातिसूचक गालियों के साथ हमला करना सामान्य हो गया है?
क्या पुलिस की कार्रवाई पीड़ित परिवार को न्याय दिला पाएगी?

👉 यह घटना सिर्फ एक झगड़ा नहीं, बल्कि कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल है…

अगर समय रहते सख्ती नहीं हुई, तो ऐसे विवाद कब “खूनी खेल” में बदल जाएं—कहना मुश्किल है! 🔥
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