ग्वालियर में रेप आरोपी इंस्पेक्टर फरार… रिलीव होकर गायब! सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल

Nikk Pandit
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सागर शर्मा E G C: खबर ग्वालियर में फैशन डिजाइनर से दुष्कर्म के गंभीर आरोपों में घिरे इंस्पेक्टर रूपेश शर्मा FIR दर्ज होते ही मोबाइल बंद कर फरार हो गए हैं। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि फरार बताए जा रहे इंस्पेक्टर सोमवार सुबह PTS तिघरा पहुंचकर रिलीव भी हो गए। इसके बाद वे कहां गए—इसका कोई स्पष्ट जवाब पुलिस के पास नहीं है। 🤯

मामला 12 अप्रैल का है, जब 38 वर्षीय फैशन डिजाइनर की शिकायत पर झांसी रोड थाने में आरोपी इंस्पेक्टर के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया। FIR के बाद सोमवार को DGP मध्यप्रदेश के आदेश पर उन्हें PTS तिघरा से PHQ अटैच किया गया। SP PTS तिघरा अखिलेश रैनवाल ने ट्रांसफर और रिलीव होने की पुष्टि भी की है, लेकिन इसी बीच आरोपी का गायब होना कई सवाल खड़े कर रहा है।

👮‍♂️ पुलिस की कार्रवाई या औपचारिकता?

पुलिस की दो टीमें भितरवार और शिवपुरी पहुंचीं—जहां आरोपी का घर और ससुराल बताया जा रहा है—लेकिन वहां भी आरोपी नहीं मिला। पुलिस उसे फरार बता रही है, लेकिन सवाल यह है कि जब वह रिलीव होने आया था, तब उसे रोका क्यों नहीं गया?

💔 पीड़िता की दर्दनाक कहानी

पीड़िता, जो झांसी रोड इलाके की पॉश कॉलोनी में बुटीक चलाती हैं, वर्ष 2018 में पति की मृत्यु के बाद अपने 9 साल के बच्चे के साथ रह रही हैं। साल 2024 में फेसबुक के जरिए उनकी पहचान इंस्पेक्टर रूपेश शर्मा से हुई। धीरे-धीरे बातचीत और नजदीकियां बढ़ीं।

आरोप है कि इंस्पेक्टर ने खुद को अविवाहित बताकर शादी का झांसा दिया और 16 अगस्त 2024 को बुटीक पर पहुंचकर जबरन संबंध बनाए। विरोध करने पर शादी का भरोसा दिया और इसके बाद लगातार शारीरिक संबंध बनाता रहा। वर्तमान में पीड़िता 9 महीने की गर्भवती है।

जब पीड़िता ने शादी का दबाव बनाया, तब आरोपी ने खुद के पहले से शादीशुदा होने की बात बताई। सच्चाई सामने आने पर पीड़िता ने विरोध किया तो आरोपी ने उसे धमकाया, जिसके बाद मामला थाने तक पहुंचा।

🏥 मेडिकल और कोर्ट में बयान

महिला पुलिस ने पीड़िता का कमलाराजा अस्पताल में मेडिकल कराया और धारा 164 के तहत कोर्ट में बयान दर्ज कराए गए। पीड़िता ने अपने सभी आरोपों को दोहराते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है।

⚡ राजनीतिक दबाव की चर्चा

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि पीड़िता एक भाजपा नेत्री की करीबी है, जो एक मंत्री के साथ कई कार्यक्रमों में नजर आती रही हैं। शिकायत के दौरान पुलिस पर राजनीतिक दबाव की भी चर्चाएं सामने आई हैं।

🗣️ पुलिस का बयान

एएसपी विदिता डागर का कहना है कि आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और वैधानिक कार्रवाई जारी है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

🤔 अब सबसे बड़े सवाल…

आखिर फरार आरोपी इंस्पेक्टर रिलीव कैसे हो गया?

क्या उसे बचाने के लिए सिस्टम में अंदरखाने खेल चल रहा है?

क्या आम आदमी के लिए कानून और पुलिस के लिए अलग नियम हैं?

और सबसे अहम—क्या पीड़िता को न्याय मिलेगा या मामला दबा दिया जाएगा?

🔥 यह सिर्फ एक केस नहीं… सिस्टम की परीक्षा है!
अब पूरे प्रदेश की नजर इस मामले पर है—देखना होगा कि कानून का राज चलता है या रसूख का…

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