सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले के कोलारस जनपद की कोटा पंचायत के छिपौल गांव में आखिरकार वर्षों पुराना पेयजल संकट खत्म हो गया है।Shivpuri First.com द्वारा खबर प्रकाशित होते ही प्रशासन हरकत में आया और कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर गांव में नया बोरवेल खुदवाया गया।
अब वही ग्रामीण, जो कभी गंदा नदी का पानी पीने को मजबूर थे, आज साफ पानी की राहत महसूस कर रहे हैं—लेकिन सवाल ये है कि आखिर इतनी देर क्यों हुई? 🤔
गांव के करीब 1500 लोग लंबे समय से पानी के संकट से जूझ रहे थे। एकमात्र हैंडपंप सालों से खराब पड़ा था और दूसरा भी जवाब दे चुका था। कई शिकायतों के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। मजबूरी में ग्रामीणों को नदी का सहारा लेना पड़ता था, जहां पीने, नहाने और रोजमर्रा के काम के लिए एक ही गंदे पानी का उपयोग हो रहा था—क्या ये लापरवाही नहीं थी?
हालात इतने बदतर थे कि गर्मी में नदी का जलस्तर गिरते ही ग्रामीणों को बीच नदी में गड्ढे खोदकर पानी निकालना पड़ता था। सोचिए, जिस पानी से बीमारी फैलने का खतरा था, वही उनकी जिंदगी का सहारा था। बच्चों और बुजुर्गों पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ रहा था—
आखिर जिम्मेदार कौन था इस स्थिति के लिए? ❗
लेकिन जैसे ही Shivpuri First.com ने इस गंभीर मुद्दे को प्रमुखता से उठाया, प्रशासन ने तुरंत संज्ञान लिया। पीएचई विभाग की टीम मौके पर पहुंची और 650 फीट से लेकर 800 फीट तक गहराई में बोरवेल तैयार किया गया। अब गांव में स्वच्छ पानी उपलब्ध है और लोगों को राहत मिली है।
📢 Shivpuri First की पहल ने एक बार फिर साबित किया है कि जब आवाज उठती है, तो असर जरूर होता है!