सागर शर्मा EGC:केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रस्तावित दौरे से पहले शिवपुरी में एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। शहर की थीम रोड पर नगर पालिका का शासकीय वाहन भाजपा के झंडे और बैनर लगाते हुए नजर आया, जिससे प्रशासन और सत्ताधारी पार्टी दोनों पर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के मुताबिक, 5 अप्रैल को सिंधिया का शिवपुरी दौरा तय है। वे शाम 7 बजे होटल पी.एस. में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसी को लेकर शहर में जोर-शोर से स्वागत की तैयारियां चल रही थीं। लेकिन इसी दौरान नगर पालिका का स्ट्रीट लाइट सुधारने वाला वाहन राजनीतिक झंडे लगाते हुए देखा गया।
⚠️ भाजपा पर सीधे सवाल
यह मामला सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर भाजपा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं—
👉 क्या भाजपा अपने कार्यक्रम के लिए सरकारी संसाधनों का उपयोग कर रही है?
👉 क्या प्रशासन और नगर पालिका पर सत्ता का दबाव है?
👉 क्या नियम सिर्फ आम जनता के लिए हैं?
सरकारी वाहन का इस तरह राजनीतिक इस्तेमाल नियमों के खिलाफ माना जाता है, लेकिन इसके बावजूद खुलेआम यह सब होता दिखा।
🗣️ कांग्रेस का आरोप: “यह सत्ता का दुरुपयोग”
नगर पालिका की नेता प्रतिपक्ष शशि शर्मा ने इस मामले को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो और फोटो जारी करते हुए कहा—
“यह नगर पालिका के वाहन का खुला दुरुपयोग है। यह वाहन जनता की सेवा के लिए है, न कि किसी राजनीतिक दल के प्रचार के लिए।”
उन्होंने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
🤐 प्रशासन की चुप्पी बनी सवाल
घटना के सामने आने के बाद अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं आई है। इससे यह सवाल और गहरा गया है कि क्या यह सब सत्ता के दबाव में हो रहा है?
📢 निष्कर्ष: जवाबदेही तय होगी या मामला दबेगा?
शिवपुरी में सामने आई यह घटना सिर्फ एक राजनीतिक विवाद नहीं, बल्कि सरकारी संसाधनों के उपयोग और जवाबदेही का बड़ा मुद्दा बन चुकी है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस पर कार्रवाई करता है या मामला राजनीति की भेंट चढ़ जाता है।