सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले में जमीन को लेकर चल रहा विवाद अब एक बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। सामने आए दस्तावेजों के अनुसार, ग्राम इटेवा तहसील करैरा स्थित सर्वे नंबर 810/1 रकबा 1.000 हेक्टेयर जमीन को लेकर प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए कब्जा हटाने के निर्देश दिए हैं। यह जमीन जागीरदार केशव रावत के नाम दर्ज बताई गई है, जिस पर लंबे समय से एक परिवार का कब्जा होने का दावा किया जा रहा है।
💥 क्या है पूरा मामला?
दस्तावेज में उल्लेख है कि उक्त जमीन पर एक व्यक्ति और उसका परिवार वर्षों से निवास कर रहा है। प्रशासन को शिकायत मिलने के बाद जांच की गई, जिसमें जमीन को राजस्व रिकॉर्ड में केशव रावत के नाम दर्ज पाया गया। इसके बाद पूर्व कलेक्टर के आदेश (पत्र क्रमांक 1838 दिनांक 20/05/2025) के आधार पर तहसीलदार को कब्जा हटाने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
⚠️ परिवार का आरोप—“हमारी नहीं सुनी जा रही”
पीड़ित पक्ष का कहना है कि वे कई सालों से इस जमीन पर रह रहे हैं और अचानक उन्हें हटाने की कार्रवाई की जा रही है। उनका आरोप है कि प्रशासन ने उनकी बात ठीक से नहीं सुनी और एकतरफा कार्रवाई की जा रही है। परिवार का कहना है कि अगर उन्हें यहां से हटाया गया तो उनका आशियाना छिन जाएगा और वे बेघर हो जाएंगे।
🛑 नोटिस के बाद बढ़ा विवाद
सूत्रों के अनुसार, जब परिवार को कब्जा हटाने का नोटिस मिला, तब उन्होंने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इसके बाद मामला और गरमा गया और अब यह विवाद खुलकर सामने आ गया है।
🤔 अब उठते बड़े सवाल
क्या प्रशासन ने सभी पक्षों की निष्पक्ष सुनवाई की?
क्या वर्षों से रह रहे परिवार को पुनर्वास का विकल्प दिया गया?
क्या यह मामला सिर्फ कागजी रिकॉर्ड का है या जमीनी हकीकत कुछ और है?
यह मामला अब सिर्फ जमीन का नहीं, बल्कि एक परिवार के भविष्य और न्याय की लड़ाई बन चुका है।