पोहरी नगर परिषद में ‘पेमेंट का खेल’… जांच से पहले ही करोड़ों का भुगतान! स्वच्छता मिशन बना सवालों के घेरे में, जिम्मेदार कौन?

Nikk Pandit
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सागर शर्मा शिवपुरी:खबरशिवपुरी जिले के पोहरी नगर परिषद से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां स्वच्छता मिशन के तहत खरीदी गई सामग्रियों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है।

आरोप है कि सीसीटीवी कैमरे, शव वाहन, ओपन जिम, एलईडी लाइट, कंक्रीट पाइप और पोल जैसी महंगी सामग्री का भुगतान बिना भौतिक सत्यापन के ही कर दिया गया। सवाल ये है कि जब मौके पर जांच ही नहीं हुई, तो आखिर भुगतान किस आधार पर पास हुआ? 🤔

सूत्रों के अनुसार, नगर परिषद के ही एक इंजीनियर ने वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजकर पूरे मामले से खुद को अलग कर लिया है। उन्होंने साफ कहा कि न तो उन्होंने इन सामग्रियों का निरीक्षण किया और न ही पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी गई। ऐसे में बड़ा सवाल उठता है—क्या जानबूझकर नियमों को नजरअंदाज किया गया?

💥 ढाई करोड़ से शुरू, चार करोड़ तक पहुंचा मामला!

शिकायत में बताया गया है कि अगस्त 2023 से अब तक करीब ₹2.5 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है, जबकि सत्यापन प्रक्रिया अधूरी है। वहीं, पोहरी विधायक कैलाश कुशवाह ने इस मामले को और गंभीर बताते हुए कहा कि यह रकम ₹4 करोड़ तक पहुंच सकती है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन होगा।

⚠️ अधिकारियों के बयान भी उलझे हुए!

जहां इंजीनियर सत्येंद्र सिंह गढ़वाल का कहना है कि उन्होंने सिर्फ उन्हीं मामलों का सत्यापन किया जिनकी जानकारी उन्हें दी गई, वहीं सीएमओ राधा शर्मा दावा कर रही हैं कि सभी भुगतान नियमों के तहत हुए हैं। ऐसे में सवाल उठता है—अगर सब कुछ नियमों के अनुसार हुआ, तो फिर शिकायत क्यों और किसने की?

🔥 अब सबसे बड़ा सवाल…

क्या बिना जांच के करोड़ों का भुगतान संभव है?
क्या ई-प्रोक्योरमेंट का नाम लेकर नियमों को दरकिनार किया गया?

अगर गड़बड़ी साबित होती है, तो जिम्मेदार कौन होगा?
क्या इस मामले में बड़े स्तर पर मिलीभगत है?

📢 जनता जवाब चाहती है… जांच कब होगी?

अब देखना होगा कि प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कार्रवाई करता है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।
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