बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने और आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने विभिन्न आपराधिक प्रकरणों में नाम सामने आने के बाद तीन शस्त्र अनुज्ञप्तिधारियों (हथियार लाइसेंस धारकों) के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए हैं।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज होने के बाद आयुध अधिनियम 1959 के तहत यह कार्रवाई की गई है। जिला प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि जिन लोगों के विरुद्ध आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता के मामले सामने आएंगे, उनके हथियार लाइसेंस पर कार्रवाई की जाएगी।
इन पर गिरी कार्रवाई की गाज
लखन सिंह तोमर, निवासी ग्राम छान, थाना अमोला का शस्त्र अनुज्ञप्ति क्रमांक 354/2004/11/डीएम/एसपीआई निलंबित किया गया।
शिव सिंह रावत, निवासी ग्राम देहरेटा सानी, थाना करैरा का शस्त्र अनुज्ञप्ति क्रमांक 220/2023/111/डीएम/एसपीआई निलंबित किया गया।
अरविंद सिंह तोमर, निवासी ग्राम नयागांव, थाना अमोला का शस्त्र अनुज्ञप्ति क्रमांक 168/2004/111/डीएम/एसपीआई निलंबित किया गया।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश
जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि शस्त्र लाइसेंस कोई विशेषाधिकार नहीं बल्कि जिम्मेदारी है। यदि कोई लाइसेंसधारी कानून का उल्लंघन करता है या उसके विरुद्ध गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज होते हैं तो उसके शस्त्र अनुज्ञप्ति पर कार्रवाई की जाएगी।
अब सवाल यह है कि जिले में ऐसे और कितने
लाइसेंसधारी हैं जिनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं? क्या आने वाले दिनों में प्रशासन की यह कार्रवाई और तेज होगी? फिलहाल कलेक्टर अर्पित वर्मा के इस फैसले को कानून व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में एक कड़ा कदम माना जा रहा है।