बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले के बदरवास कस्बे से एक बेहद मार्मिक मामला सामने आया है, जहां 15 लाख रुपए की उधारी वापस नहीं मिलने से आर्थिक और मानसिक तनाव में डूबे एक मुनीम ने जहर खाकर आत्महत्या का प्रयास कर लिया। जहर खाने से पहले उसने एक सुसाइड नोट लिखा, जिसमें अपनी पत्नी के लिए अंतिम इच्छा जाहिर करते हुए लिखा कि "मेरे पैसे पत्नी को दिला देना।" साथ ही उसने पांच लोगों को अपनी इस हालत का जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
घटना सोमवार देर शाम की बताई जा रही है। जहर खाने के बाद मुनीम पुरूषोत्तम धाकड़ की तबीयत बिगड़ गई। परिजनों ने उन्हें तत्काल बदरवास स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल शिवपुरी रेफर कर दिया गया। फिलहाल उनका इलाज जारी है।
सुसाइड नोट में छल और विश्वासघात का दर्द
पुरूषोत्तम धाकड़ द्वारा छोड़े गए सुसाइड नोट में लिखा गया है कि उन्होंने पूरी ईमानदारी और विश्वास के साथ कुछ लोगों को अपनी मेहनत की कमाई उधार दी थी, लेकिन समय आने पर न तो उन्हें उनकी रकम वापस मिली और न ही ब्याज। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों पर उन्होंने भरोसा किया, वही लोग बदरवास छोड़कर चले गए और अब उनके फोन तक नहीं उठाते।
सुसाइड नोट में उन्होंने शासन, प्रशासन और न्यायपालिका से गुहार लगाई है कि जिन लोगों ने उनके साथ धोखा किया है, उन्हें गिरफ्तार कर उनकी रकम वापस दिलाई जाए और वह राशि उनकी पत्नी के बैंक खाते में जमा कराई जाए।
एफडी पर लोन लेकर दिए थे 15 लाख रुपए
जानकारी के अनुसार पुरूषोत्तम धाकड़ वर्ष 2025 के आसपास बदरवास में मुनीम का कार्य करने आए थे। इसी दौरान कुछ लोगों से उनकी पहचान हुई। आरोप है कि उन लोगों को उनकी बैंक एफडी की जानकारी थी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि कुछ समय के लिए आर्थिक मदद मिल जाए तो तय समय पर पूरी राशि वापस कर देंगे।
उनकी बातों पर विश्वास करते हुए पुरूषोत्तम ने अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट पर बैंक से लोन लिया और कुल 15 लाख रुपए उधार दे दिए।
13.50 लाख ऑनलाइन, डेढ़ लाख नकद दिए
सुसाइड नोट के अनुसार 12 फरवरी 2026 को उन्होंने अपने बैंक खाते से 13 लाख 50 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर किए, जबकि 1 लाख 50 हजार रुपए नकद दिए। कुल 15 लाख रुपए 10 अप्रैल तक लौटाने का वादा किया गया था, लेकिन तय समय बीत जाने के बाद भी रकम वापस नहीं मिली।
पीड़ित का आरोप है कि जब उन्होंने बार-बार पैसे मांगे तो पहले उन्हें टालमटोल किया गया और बाद में संबंधित लोग बदरवास छोड़कर चले गए। इसके बाद उन्होंने फोन उठाना भी बंद कर दिया।
पांच लोगों को ठहराया जिम्मेदार
सुसाइड नोट में पुरूषोत्तम धाकड़ ने अमन गोयल, केदारी गोयल, सुन्नीबाई गोयल, कुसुम गोयल और आयुषी उर्फ मुस्कान गोयल को इस पूरे मामले के लिए जिम्मेदार बताया है। उनका आरोप है कि इन लोगों ने पैसे वापस करने का वादा किया था, लेकिन बाद में मुकर गए, जिससे वह आर्थिक और मानसिक रूप से पूरी तरह टूट गए।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
बैंक लोन और गिरवी खेत ने बढ़ाया संकट
पुरूषोत्तम ने अपने सुसाइड नोट में लिखा है कि उनका मकान बैंक लोन पर है और खेती की जमीन भी गिरवी रखी हुई है। ऐसे में 15 लाख रुपए वापस नहीं मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति पूरी तरह बिगड़ गई। बैंक की किश्तें, कर्ज का दबाव और लगातार बढ़ता मानसिक तनाव उन्हें इस कदर तोड़ गया कि उन्होंने आत्मघाती कदम उठा लिया।
पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने सुसाइड नोट अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुसाइड नोट, बैंक खातों के लेन-देन, संबंधित दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की बारीकी से जांच की जा रही है।
जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल पुरूषोत्तम धाकड़ का इलाज जारी है और पुलिस पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। यह घटना एक बार फिर आर्थिक लेन-देन में सावधानी बरतने और बिना पर्याप्त कानूनी दस्तावेजों के बड़ी रकम उधार देने के जोखिम को उजागर करती है।