बिजली गिरने से 2 बच्चों की मौत, 17 भैंस-9 बकरियां भी मरीं

Nikk Pandit
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बंटी शर्मा शिवपुरी:शिवपुरी जिले के रन्नौद थाना क्षेत्र के ग्राम विजयपुरा में गुरुवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया। अचानक बदले मौसम के बीच हुई तेज बारिश से बचने के लिए दो आदिवासी बच्चे एक पेड़ के नीचे खड़े हो गए, लेकिन उन्हें क्या पता था कि वही पेड़ उनकी जिंदगी का आखिरी पड़ाव बन जाएगा। कुछ ही क्षण बाद तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली सीधे पेड़ पर गिरी और उसकी चपेट में आने से दोनों बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई।

इस भीषण हादसे में केवल दो मासूमों की ही जान नहीं गई, बल्कि पास में चर रही 17 भैंसें और 9 बकरियां भी बिजली की चपेट में आकर मर गईं। एक ही पल में 28 जिंदगियां खत्म होने से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। बच्चों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना मिलने पर पुलिस और राजस्व विभाग की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई शुरू की।

बकरियां चराने जंगल गए थे दोनों बच्चे

जानकारी के अनुसार, ग्राम विजयपुरा निवासी 14 वर्षीय दशरथ आदिवासी, पिता बाबू आदिवासी, गुरुवार को अपने रिश्तेदार 10 वर्षीय अभिषेक आदिवासी के साथ गांव के पास जंगल में बकरियां चराने गया था। दोनों बच्चे रोज की तरह अपने पशुओं को चराने निकले थे। दोपहर के समय अचानक मौसम बदल गया और तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए दोनों बच्चे एक बड़े पेड़ के नीचे खड़े हो गए।

इसी दौरान तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली सीधे उसी पेड़ पर गिर गई। बिजली इतनी तेज थी कि दोनों बच्चे उसकी चपेट में आ गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। आसपास मौजूद पशु भी इसकी चपेट में आ गए।

9 बकरियां भी मौके पर मरीं

हादसे में दशरथ आदिवासी के परिवार की 9 बकरियां भी आकाशीय बिजली की चपेट में आकर मर गईं। जब काफी देर तक बच्चे घर नहीं लौटे तो परिजन उनकी तलाश में जंगल पहुंचे। वहां का मंजर देखकर उनके होश उड़ गए। दोनों बच्चों के शव और मृत बकरियां देखकर परिजन बदहवास हो गए। देखते ही देखते पूरे गांव के लोग घटनास्थल पर पहुंच गए।

17 भैंसों की भी गई जान

बिजली गिरने के समय आसपास गांव के अन्य पशुपालकों की भैंसें भी चर रही थीं। आकाशीय बिजली इतनी भीषण थी कि 17 भैंसों की भी मौके पर ही मौत हो गई।

मृत भैंसों में मुन्नालाल पाल की 5, चंद्रभान पाल की 5, राकेश पाल की 2, शोभाराम पाल की 2, जगदीश लोधी की 2 और सीताराम पाल की 1 भैंस शामिल है।
ग्रामीणों के अनुसार, एक साथ इतनी बड़ी संख्या में पशुओं की मौत का यह क्षेत्र का दुर्लभ हादसा है। पशुपालकों को करीब 15 से 17 लाख रुपये के आर्थिक नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।

गांव में पसरा मातम

एक ही घटना में दो बच्चों और 26 पशुओं की मौत से पूरे विजयपुरा गांव में शोक का माहौल है। मृत बच्चों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में हर व्यक्ति इस हादसे से स्तब्ध है। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ ही मिनटों की बारिश ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं।

पुलिस और राजस्व टीम मौके पर पहुंची

घटना की सूचना मिलते ही रन्नौद थाना पुलिस और राजस्व विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और दोनों बच्चों के शवों का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

राजस्व अधिकारियों ने मृत पशुओं का भी निरीक्षण किया और नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि नियमानुसार प्रभावित परिवारों और पशुपालकों को आर्थिक सहायता दिलाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

बारिश के दौरान पेड़ के नीचे खड़ा होना जानलेवा
विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने की संभावना होने पर पेड़ों के नीचे खड़ा होना बेहद खतरनाक होता है। बिजली अक्सर ऊंचे पेड़ों और खुले स्थानों पर गिरती है। ऐसे मौसम में लोगों को सुरक्षित भवन या पक्के आश्रय में शरण लेनी चाहिए और पेड़ों, बिजली के खंभों तथा खुले मैदानों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए।

फिलहाल विजयपुरा गांव इस दर्दनाक हादसे से उबरने की कोशिश कर रहा है। दो मासूम बच्चों की असमय मौत और 26 बेजुबान पशुओं की एक साथ जान जाने से पूरा इलाका गमगीन है। ग्रामीणों को अब प्रशासन से मुआवजे और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता मिलने का इंतजार है।
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