सरपंच दंपती 20 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार: कपिलधारा योजना के कुएं का भुगतान कराने मांगे थे रुपए, घर पर लोकायुक्त ने बिछाया जाल

Nikk Pandit
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बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ ग्वालियर लोकायुक्त की टीम ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए एक महिला सरपंच और उसके पति को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।मामला खनियाधाना जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत जुंगीपुर का है। आरोप है कि कपिलधारा योजना के तहत हितग्राही द्वारा बनवाए गए कुएं का भुगतान जारी कराने के एवज में सरपंच और उसके पति ने रिश्वत की मांग की थी। शिकायत की जांच और सत्यापन के बाद लोकायुक्त ने जाल बिछाया और सरपंच के आवास पर रिश्वत लेते हुए दोनों को पकड़ लिया।

जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत जुंगीपुर निवासी राहुल सिंह यादव ने वर्ष 2025 में शासन की कपिलधारा योजना के तहत कुएं का निर्माण कराया था। कुएं का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद योजना के तहत मिलने वाली राशि का भुगतान होना था। आरोप है कि भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने और स्वीकृत राशि जारी कराने के बदले ग्राम पंचायत जुंगीपुर की सरपंच केशवती कोली और उनके पति खेमचंद कोली ने हितग्राही राहुल सिंह यादव से 20 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की।

रिश्वत की मांग से परेशान राहुल सिंह यादव ने मामले की शिकायत 3 जुलाई 2026 को ग्वालियर लोकायुक्त कार्यालय में की। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शिकायत का सत्यापन कराया। प्रारंभिक जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद लोकायुक्त टीम ने सरपंच दंपती को रंगे हाथ पकड़ने के लिए ट्रैप कार्रवाई की योजना तैयार की।

सुबह 10 बजे सरपंच के घर पहुंची लोकायुक्त टीम

बुधवार सुबह लोकायुक्त की टीम पूरी तैयारी के साथ खनियाधाना पहुंची। बताया गया है कि सुबह करीब 10 बजे उपजेल के पीछे स्थित सरपंच के आवास पर ट्रैप कार्रवाई की गई। तय योजना के अनुसार फरियादी राहुल सिंह यादव रिश्वत की राशि लेकर सरपंच के घर पहुंचा। जैसे ही 20 हजार रुपए की रिश्वत दी गई, पहले से निगरानी कर रही लोकायुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए सरपंच केशवती कोली और उनके पति खेमचंद कोली को रंगे हाथ पकड़ लिया।

अचानक हुई लोकायुक्त की कार्रवाई से मौके पर हड़कंप मच गया। टीम ने रिश्वत से जुड़ी राशि और मामले से संबंधित आवश्यक साक्ष्यों को कार्रवाई में शामिल किया। इसके बाद लोकायुक्त टीम फरियादी राहुल सिंह यादव और सरपंच दंपती को अपने साथ लेकर मौके से रवाना हो गई।

तीन घंटे तक नहीं मिली जानकारी तो कस्बे में फैली अफवाह

लोकायुक्त टीम द्वारा सरपंच दंपती को अपने साथ ले जाने के बाद करीब तीन घंटे तक यह स्पष्ट नहीं हो सका कि टीम आरोपियों को लेकर कहां गई है। इसी दौरान खनियाधाना कस्बे में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। यहां तक कि कुछ लोगों के बीच यह अफवाह भी फैल गई कि कार्रवाई करने वाली टीम कहीं फर्जी तो नहीं थी।

हालांकि बाद में पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो गई। जानकारी सामने आई कि ग्वालियर लोकायुक्त की टीम वैधानिक और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए पिछोर थाना क्षेत्र से करीब 45 किलोमीटर दूर स्थित दिनारा रेस्ट हाउस पहुंची थी। यहां टीम द्वारा पंचनामा तैयार करने सहित ट्रैप कार्रवाई से जुड़ी अन्य आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की गईं।

लोकायुक्त की कार्रवाई की पुष्टि होने के बाद कस्बे में चल रही फर्जी टीम की चर्चाओं पर भी विराम लग गया। वहीं सरपंच और उसके पति के रिश्वत लेते पकड़े जाने की खबर क्षेत्र में तेजी से फैल गई।

कपिलधारा योजना के भुगतान के बदले रिश्वत मांगने का आरोप

बताया जा रहा है कि पूरा मामला कपिलधारा योजना के तहत बनाए गए कुएं के भुगतान से जुड़ा है। हितग्राही राहुल सिंह यादव द्वारा कुएं का निर्माण कराए जाने के बाद योजना की राशि का भुगतान लंबित था। आरोप है कि इसी भुगतान को जारी कराने के लिए सरपंच केशवती कोली और उनके पति खेमचंद कोली ने 20 हजार रुपए की मांग की थी।

फरियादी ने रिश्वत देने के बजाय लोकायुक्त की शरण ली और शिकायत दर्ज कराई। लोकायुक्त ने शिकायत का सत्यापन करने के बाद योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए दोनों को पकड़ लिया।

निरीक्षक उपेंद्र दुबे और अंजली शर्मा ने संभाली कार्रवाई की कमान

लोकायुक्त की इस ट्रैप कार्रवाई का नेतृत्व निरीक्षक उपेंद्र दुबे और निरीक्षक अंजली शर्मा ने किया। कार्रवाई में प्रधान आरक्षक देवेंद्र पवैया, हेमंत शर्मा, आरक्षक प्रशांत कुशवाहा, अंकेश शर्मा, सुरेंद्र सेमल, आरिफ खान, बिसंबर भदौरिया और बलबीर सहित लोकायुक्त टीम के अन्य सदस्य शामिल रहे।

टीम ने ट्रैप कार्रवाई के बाद आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी की। सरपंच केशवती कोली और उनके पति खेमचंद कोली के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
सरपंच दंपती पर लोकायुक्त का शिकंजा, क्षेत्र में मचा हड़कंप

ग्राम पंचायत स्तर पर सरकारी योजना के भुगतान के बदले रिश्वत मांगने के आरोप में हुई इस कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र में हलचल मचा दी है। एक ओर सरकार ग्रामीण हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर रही है, वहीं योजना की राशि के भुगतान के बदले रिश्वत मांगने के आरोप ने पंचायत व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

फिलहाल ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस ने सरपंच और उनके पति के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच में आगे क्या तथ्य सामने आते हैं, यह कानूनी कार्रवाई पूरी होने के बाद स्पष्ट होगा।
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